बैतूल , फरवरी 17 -- मध्यप्रदेश में बैतूल शहर के गौठाना इलाके में ट्रेचिंग ग्राउंड से उठ रही तीव्र बदबू और दूषित पानी से परेशान रहवासियों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। लोगों ने कचरा फेंकने जा रहे वाहनों को बीच रास्ते रोककर चक्का जाम कर दिया और ट्रेचिंग ग्राउंड जाने वाले मार्ग को पूरी तरह बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। वही अचानक हुए इस विरोध से मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और नगर पालिका के वाहनों को वापस लौटना पड़ा। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि पूरे शहर का कचरा वर्षों से गौठाना ट्रेचिंग ग्राउंड में डाला जा रहा है, जिससे क्षेत्र में असहनीय बदबू फैल रही है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि आसपास का पानी भी दूषित हो गया है और लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
स्थानीय रहवासियों के अनुसार कचरे के ढेरों में मच्छरों और कीटों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत खराब हो रही है तथा कुछ लोगों की मौत होने का दावा भी प्रदर्शनकारियों ने किया है।
प्रदर्शन कर रहे स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि जब तक ट्रेचिंग ग्राउंड से कचरा पूरी तरह नहीं हटाया जाता और दूषित पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। लोगों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बदबू और प्रदूषण से उनका स्वास्थ्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं।
गौठाना ट्रेचिंग ग्राउंड से कचरा हटाने और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए लगभग 3 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया था। हेमंत खंडेलवाल ने इस मामले में अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद कचरा उठाने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन रहवासियों का आरोप है कि कचरा पूरी तरह नहीं हटाया गया और काम अधूरा छोड़ दिया गया।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि विधायक के निर्देश के बाद प्रारंभ हुई जांच की रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे लोगों में नाराजगी और अविश्वास बढ़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद न तो कचरा हट पाया और न ही बदबू और प्रदूषण की समस्या समाप्त हुई।
रहवासियों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत और विरोध के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया, जिससे उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
गौठाना का ट्रेचिंग ग्राउंड शहर के कचरा प्रबंधन का केंद्र कम और स्थानीय लोगों के लिए स्वास्थ्य संकट का कारण अधिक बन गया है। अब देखना यह है कि प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं।
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