भदोही , मई 15 -- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गो हत्या को लेकर सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक और प्रशासनिक विफलता करार दिया।

भदोही जिले के जंगीगंज में आयोजित 'गो रक्षार्थ धर्म युद्ध अभियान' कार्यक्रम में शुक्रवार को उन्होंने कहा कि गोमाता के नाम पर राजनीति करने वाले यह बताएं कि देश में गोवध कब रुकेगा। उनका आरोप था कि गो रक्षा और सनातन धर्म के नाम पर केवल राजनीतिक बयानबाजी हो रही है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्य नहीं दिखाई दे रहा।

शंकराचार्य ने कहा कि शास्त्रों में गो सेवा को पुण्य और गो हत्या को महापाप बताया गया है, इसके बावजूद देशभर में बड़े पैमाने पर गोवध जारी है। उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि धार्मिक आस्था पर सीधा आघात बताया।

इस दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का काफिला भदोही नगर के नेशनल तिराहा पहुंचा, जहां कांग्रेस जिलाध्यक्ष वसीम अंसारी तथा पार्टी कोऑर्डिनेटर दयाशंकर पांडेय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। लोगों ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया।

सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने लोगों से गोमाता और सनातन धर्म की रक्षा के लिए जागरूक होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे जिम्मेदार लोगों को यह समझना होगा कि गो हत्या अथवा गोमाता का किसी भी रूप में अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा।

शंकराचार्य ने गोमाता को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की मांग भी उठाई। उन्होंने उपस्थित लोगों से पूछा कि क्या गो हत्या बंद होनी चाहिए और लोगों को गो हत्या के विरोध की शपथ भी दिलाई।

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