पटियाला , सितंबर 17 -- समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की पहल के बीच पंजाब कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी केबीएस सिद्धू ने गोवा में आनंद मैरिज एक्ट, 1909 के विस्तार की अधिसूचना जारी करने का मुद्दा उठाया है।

श्री सिद्धू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत को संयुक्त पत्र लिखकर कर गोवा में आनंद कारज विवाह को स्पष्ट कानूनी मान्यता देने की मांग की है।

उन्होंने गुरुवार को कहा कि शीर्ष न्यायालय के 4 सितंबर 2025 के अमनजोत सिंह चड्ढा बनाम भारत संघ मामले में केंद्र को चार महीने के भीतर 1909 के अधिनियम को गोवा तक विस्तारित करने तथा इसके बाद गोवा सरकार को चार महीने में पंजीकरण नियम बनाने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रिकॉर्ड में अभी तक गोवा के लिए ऐसी अधिसूचना उपलब्ध नहीं है। इसी मामले में सिक्किम के संबंध में विस्तार की अधिसूचना जारी हो चुकी है और वह एक जून 2026 से प्रभावी है।

उन्होंने कहा कि गोवा की मौजूदा नागरिक पंजीकरण व्यवस्था और आनंद मैरिज एक्ट की व्यवस्था में अंतर है। गोवा में सामान्यतः पंजीकरण की तारीख को विवाह की तारीख माना जाता है, जबकि आनंद मैरिज एक्ट के तहत आनंद कारज से विवाह संपन्न होता है और पंजीकरण न होने से उसकी वैधता प्रभावित नहीं होती।उन्होंने कहा कि इस अंतर को दूर करने के लिए स्पष्ट प्रक्रिया जरूरी है, ताकि गोवा में सिख दंपतियों को विवाह पंजीकरण में कठिनाई न हो।

संयुक्त पत्र में छह मांगें रखते हुए श्री सिद्धू ने कहा कि राज्य की संहिता में आनंद कारज को स्पष्ट रूप से मान्यता दी जाए, गोवा के लिए 1909 के अधिनियम के विस्तार की अधिसूचना जारी हो, नागरिक पंजीकरण कार्यालय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करें और आनंद कारज के पंजीकरण के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और असम की संहिताओं में आनंद कारज को मान्य विवाह संस्कार के रूप में शामिल किया गया है। उनके अनुसार, गुजरात और मध्य प्रदेश भी अपनी संहिताएं पारित कर चुके हैं।

श्री सिद्धू ने कहा कि यदि समान नागरिक संहिता में अन्य धार्मिक विवाह परंपराओं का स्पष्ट उल्लेख किया जाता है तो आनंद कारज को भी स्पष्ट कानूनी मान्यता मिलनी चाहिए। उन्होंने पंजीकरण प्रक्रिया में दोनों पक्षों के सिख धर्म का पालन करने संबंधी सरल घोषणा को शामिल करने का भी सुझाव दिया।

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