वाराणसी , सितंबर 7 -- जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में गोवंश आश्रय स्थलों एवं गोवंश संरक्षण की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जनपद में संचालित गोवंश आश्रय स्थलों में हरे चारे, पानी, साइलेज और भूसे की उपलब्धता तथा चारागाह भूमि के प्रबंधन एवं हरे चारे के उत्पादन की जानकारी ली गई।
मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सभी आश्रय स्थलों पर पशुओं के लिए चारा-पानी की समुचित व्यवस्था है तथा वृहद गोवंश आश्रय स्थल वन्देपुर में न्यूनतम दर पर भूसे की व्यवस्था की गई है। श्री कुमार ने सभी गोवंश आश्रय स्थलों पर पशुओं के लिए पर्याप्त चारा-पानी और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृत्रिम गर्भाधान एवं गर्भित पशुओं समेत अन्य विवरणों का रजिस्टर रखने, सड़क पर घूमने वाले छुट्टा गोवंश को अभियान चलाकर आश्रय स्थलों तक पहुंचाने तथा सुपुर्द किए गए गोवंश की जियोटैगिंग कराने को कहा। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को अपने क्षेत्र के एक-एक आश्रय स्थल पर स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट तैयार कराने के भी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने 'नेपियर घास उगाओ' अभियान के तहत चारागाह भूमि पर स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हरा चारा उगाकर उसे गोशालाओं को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारी और उप मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारियों समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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