उज्जैन , जून 19 -- मध्यप्रदेश के उज्जैन के माधवनगर थाना पुलिस ने राजस्थान, पंजाब एवं उत्तर प्रदेश के नागरिकों से साइबर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गुरुवार को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आज यह जानकारी दी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि नर्मदापुरम निवासी कशिश, राहुल उर्फ शानू और अनिमेश मोबाइल अपडेट करने के नाम पर लिंक भेजकर लोगों के बैंक खातों से रकम उड़ाते थे। साइबर ठगी की राशि से गोल्ड क्वाइन फर्जी नाम से खरीदी करते थे। इनके उज्जैन के चार ज्वेलर्स शोरूम के साथ धोखाधड़ी कर चुके थे।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि 06 जून को कथित नाम अनुराग कहार द्वारा उज्जैन के घास मंडी चौराहा डी.पी.के. गोल्ड शोरूम, लगभग 95 हजार रुपये मूल्य की छह ग्राम गोल्ड क्वाइन खरीदी गई तथा भुगतान क्यूआर कोड के माध्यम से किया गया। भुगतान प्राप्त होने के कुछ समय बाद शोरूम का बैंक खाता होल्ड हो गया। इस संबंध में शोरूम प्रबंधन द्वारा थाना माधवनगर में सूचना दी गई। सूचना पर थाना माधवनगर में अपराध क्रमांक 265/2026, धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस टीम द्वारा सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य एवं अन्य जानकारी के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। जांच के दौरान आरोपियों के यहां होटल में ठहरे होने की सूचना प्राप्त होने पर दबिश देकर तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने उज्जैन के विभिन्न ज्वेलर्स शोरूम से साइबर ठगी की राशि का उपयोग कर गोल्ड क्वाइन खरीदने की बात स्वीकारी है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बायनेन्स एप के माध्यम से यूएसडीटी ट्रेडिंग करते थे। इनके अन्य साथी विभिन्न राज्यों के लोगों को मोबाइल अपडेट करने के नाम पर फर्जी लिंक भेजते थे। लिंक पर क्लिक करने के बाद मोबाइल री-स्टार्ट होता था और इसी दौरान पीड़ितों के बैंक खातों से राशि निकाल ली जाती थी। ठगी की गई राशि सीधे ज्वेलर्स के क्यूआर कोड पर ट्रांसफर कर गोल्ड क्वाइन खरीदी जाती थी। बाद में उक्त गोल्ड को बाजार में बेचकर नकद राशि प्राप्त कर साइबर ठगी की रकम को वैध बनाने का प्रयास किया जाता था।
पुलिस ने आरोपियों से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, फर्जी आईडी कार्ड, गोल्ड क्वाइन खरीदने के बिल एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं और प्रकरण में प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर धारा 338, 336(3), 340(2), 61 (2) बीएनएस एवं धारा 66 आई.टी. अधिनियम को भी जोड़ा है।
आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय से पुलिस रिमांड प्राप्त करने की कार्रवाई की जा रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों एवं अन्य राज्यों में की गई घटनाओं के संबंध में विस्तृत पूछताछ जारी है।
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