गोरखपुर एक अप्रैल (वार्ता) हिन्दू.मुस्लिम एकता की मिसाल हज़रत बाबा मुबारक खां शहीद रहमतुल्लाह अलैह का 993वां उर्स मुबारक तीन दिवसीय मेला 15 अप्रैल से पूरे अकीदत और सम्मान के साथ आयोजित किया जाएगा।

इस तीन दिवसीय उर्स मेला में हर वर्ष की तरह इस बार भी प्रदेश सहित बिहार और नेपाल से बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंदों के पहुंचने की उम्मीद है। उर्स मेला की तैयारियों को लेकर गोरखपुर महानगर में पार्षदों और दरगाह कमेटी के पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुध्दवार को आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पार्षद हाजी जियाउल इस्लाम ने की। इस दौरान दरगाह तक जाने वाली जर्जर सड़कों, नालियों की खराब स्थिति, अपर्याप्त रोशनी और साफ.सफाई जैसे ज्वलंत मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा की गई।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि उर्स के दौरान दूर.दराज़ से आने वाले जायरीनों की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए समय रहते सभी आवश्यक कार्यों को पूर्ण कराने पर बल दिया गया। दरगाह क्षेत्र में सड़कों की मरम्मतए पर्याप्त स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता अभियान, मोबाइल टॉयलेट और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने का निर्णय लिया गया।

इसके साथ ही उर्स मेला के व्यापक प्रचार.प्रसार के लिए शहर के प्रमुख चौराहों और स्थानों पर पोस्टर, बैनर एवं होर्डिंग्स लगाने की योजना भी बनाई गई ताकि अधिक से अधिक लोग इस धार्मिक आयोजन में शामिल हो सकें।

विदित हो कि यह उर्स उमेला क्षेत्र की गंगा.जमुनी तहजीब का प्रतीक माना जाता है जहां हर धर्म और वर्ग के लोग बड़ी श्रद्धा के साथ बाबा के दरबार में हाजिरी लगाते हैं।

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