गोरखपुर , मई 29 -- गोरखपुर मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने शुक्रवार को जनपद में चल रहे निर्माण कार्यों के लिए मिट्टी खनन एवं उसके सुरक्षित परिवहन को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में अवैध खनन, ओवरलोड डम्परों की तेज रफ्तार और सड़क दुर्घटनाओं पर गंभीर चिंता जताते हुए संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए गए।
बैठक में पुलिस उपमहानिरीक्षक गोरखपुर परिक्षेत्र, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, एसपी सिटी, एसपी ट्रैफिक, संभागीय परिवहन अधिकारी, रोडवेज अधिकारियों, खनन विभाग तथा कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मिट्टी परिवहन कर रहे डम्परों की ओवरस्पीडिंग और बिना ढके मिट्टी ले जाने से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने एनएचएआई पर भी लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई स्थानों पर बिना समुचित साइनेज और डायवर्जन व्यवस्था के एक लेन बंद कर दी गई, जिससे आमने-सामने ट्रकों की भिड़ंत जैसी घटनाएं हुईं।
बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ ठेकेदार निर्धारित मात्रा से अधिक मिट्टी खनन कर उसका अवैध रूप से विक्रय कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने खनन अधिकारी को निर्देश दिया कि पट्टा धारकों के स्थलों का स्वयं निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित सीमा से अधिक खनन न हो।
डीआईजी एस. चेनप्पा ने कहा कि गांवों से बाहर गए लोगों की जमीनों पर अवैध खनन की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे मामलों में सख्त जांच कर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने टोल बचाने के लिए गांवों के रास्तों से गुजर रहे डम्परों को रोकने हेतु मजबूत बैरियर लगाने के निर्देश भी दिए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी थानाध्यक्षों को प्रतिदिन रात में मिट्टी ढोने वाले डम्परों की विशेष चेकिंग करने तथा वैध दस्तावेज न होने पर वाहनों को सीज करने के निर्देश दिए। साथ ही रोडवेज बसों को बस स्टैंड के भीतर ही खड़ा करने और सड़क पर सवारी भरने पर चालक एवं परिचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी गई।
मंडलायुक्त ने निर्देशित किया कि सरकारी निर्माण कार्यों के लिए निजी व्यक्तियों के बजाय कार्यदायी संस्थाओं को ही खनन पट्टा दिया जाए, ताकि अवैध खनन और मिट्टी की चोरी रोकी जा सके। उन्होंने डम्परों को ढककर मिट्टी परिवहन सुनिश्चित करने और विंडस्क्रीन पर खनन अनुज्ञापत्र की प्रति चस्पा करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में गर्मी के मौसम में नदियों में डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाने तथा गांवों में चौपाल के माध्यम से लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
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