जयपुर , नवंबर 02 -- राजस्थान में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी शिखर अग्रवाल द्वारा निजी कंपनी गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों से कथित मिलीभगत कर अपने पद एवं प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए स्वयं एवं संबंधित कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने तथा राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने गोयल फैशंस को स्वीकृत परिलाभों पर रोक लगा दी हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संज्ञान में आने के बाद उद्योग एवं वाणिज्य की राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने मेसर्स गोयल फैशन्स प्राइवेट लिमिटेड को स्वीकृत कस्टमाइज्ड पैकेज पर रोक लगा दी है। यह छूट इस कंपनी को राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत स्वीकृत की गई थी। रोक लगने से कंपनी को एसीबी की प्रारंभिक जांच संबंधी कार्यवाही पूर्ण होने तक स्वीकृत परिलाभों के वितरण एवं छूट का लाभ नहीं दिया जाएगा। श्री शिखर अग्रवाल मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जांच पूरी होने तक गोयल फैशंस को कोई परिलाभ नहीं मिलेगा।
श्री शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि निवेश प्रोत्साहन और औद्योगिक विकास के साथ-साथ सरकारी संसाधनों एवं राजकीय रियायतों का उपयोग पूरी पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के अनुरूप होना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि श्री शिखर अग्रवाल द्वारा संपत्तिया खरीदने के मामले में एसीबी जांच कर रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित