नयी दिल्ली , मार्च 27 -- केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में सुधारों को पारदर्शी, समावेशी और सदस्य-संचालित प्रक्रिया के माध्यम से लागू करने का आह्वान किया है और किसी भी समझौते में विकास की आवश्यकताओं को केंद्र में रखे जाने पर बल दिया है।

श्री गोयल गुरुवार से कैमरून के याउंडे में शुरू हुए डब्ल्यूटीओ के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। वाणिज्य मंत्रालय की शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार वाणिज्य मंत्री ने याउंडे में डब्ल्यूटीओ के मूलभूत सिद्धांतों और उद्देश्यों - विशेष रूप से भेदभाव-रहित नीति, सर्वसम्मति-आधारित निर्णय-निर्माण और समानता - को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

वाणिज्य मंत्री ने कैमरून के प्रधानमंत्री डायोन न्गूटे जोसेफ से मुलाकात की और डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक नगोज़ी ओकोन्जो-इवीला के साथ वार्ता की। श्री गोयल ने वहां अपने अभियान की शुरुआत कैमरून के व्यापार मंत्री की अध्यक्षता में एक औपचारिक सत्र के साथ प्रारंभ हुआ। इस सत्र में डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक डॉ. न्गोज़ी ओकोंजो-इवेला तथा सदस्य देशों के व्यापार मंत्री अथवा वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित थे।

भारत की ओर से वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इसके उद्घाटन सत्र में भाग लिया। उद्घाटन सत्र के बाद 15 सितंबर 2025 को मत्स्य पालन सब्सिडी समझौते के लागू होने के उपलक्ष्य में एक संक्षिप्त समारोह भी आयोजित किया गया।

सम्मेलन के उद़घाटन समारोह के बाद, मंत्रियों ने डब्ल्यूटीओ के मूलभूत मुद्दों, जिसमें इसके सिद्धांत भी शामिल हैं, पर एक मंत्रिस्तरीय चर्चा के लिए बैठक की। इस सत्र के दौरान श्री गोयल ने कहा कि डब्ल्यूटीओ में आवश्यक सुधार पारदर्शी, समावेशी और सदस्य-संचालित प्रक्रिया के माध्यम से किए जाने चाहिए, जिसमें विकास को केंद्र में रखा जाए।

वाणिज्य मंत्री ने संगठन के मूलभूत बुनियादी सिद्धांतों और उद्देश्य - विशेष रूप से भेदभाव-रहित नीति, सर्वसम्मति-आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया और निष्पक्षता - को बनाए रखने पर बल दिया।

बैठकों के पहले दिन के दौरान, श्री गोयल ने कैमरून के माननीय प्रधानमंत्री डायोन न्गूटे जोसेफ से मुलाकात की और भारत-कैमरून सहयोग को और मजबूत करने के उपायों सहित द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। श्री गोयल की डब्ल्यूटीओ महानिदेशक के साथ द्विपक्षीय बैठक में चर्चाएं मुख्य रूप से एमसी14 के एजेंडे पर केन्द्रित रहीं।

उन्होंने एचसीआईएम ने नीदरलैंड, फ्रांस और इथियोपिया के अपने समकक्षों के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें कीं और द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को और गहरा करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी एमसी-14 के दौरान चिली, पराग्वे, अमेरिका, नेपाल, फिलीपींस, सऊदी अरब, यूरोपीय संसद के प्रतिनिधिमंडल, मेक्सिको, पेरू, रूस, न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में चर्चा एमसी-14 के एजेंडे के साथ-साथ द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को सुदृढ़ करने के विकल्पों पर केंद्रित रहीं। चिली और पेरू के साथ, दोनों पक्षों ने भारत-चिली एफटीए वार्ता और भारत-पेरू एफटीए वार्ता की प्रगति पर चर्चा की। यूरोपीय संघ और न्यूजीलैंड के साथ, दोनों पक्षों ने हाल ही में संपन्न भारत-ईयू एफटीए तथा भारत-न्यूजीलैंड एफटीए वार्ताओं पर हस्ताक्षर की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की।

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