नयी दिल्ली , अगस्त 25 -- जापान की यात्रा पर गये केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को टोक्यो में सेमीकंडक्टर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के विषय पर जापान और भारत के उद्योग जगत के कुछ प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ एक गोलमेज बैठक की अध्यक्षता की और द्विपक्षीय आर्थिक और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने में इन उभरते हुए क्षेत्रों के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया।
वाणिज्य मंत्रालय की यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार श्री गोयल ने कहा कि सेमीकंडक्टर और एआई सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में उभर रहे हैं और वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री साने ताकाइची द्वारा परिकल्पित आर्थिक सुरक्षा साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने भाग लेने वाले उद्योग प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि भारत सरकार इन रणनीतिक क्षेत्रों में भारत और जापान के बीच सहयोग को गहरा और व्यापक बनाने के लिए पूर्ण समर्थन प्रदान करेगी।
भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास की तीव्र गति की जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि वर्ष 2032 तक भारत में सेमीकंडक्टर की घरेलू मांग 150 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। उन्होंने सरकार की व्यापक सेमीकंडक्टर रणनीति की जानकारी दी, जिसमें चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर मशीनरी और सामग्री, फैब्रिकेशन, एटीएमपी/ओएसएटी, अनुसंधान एवं विकास तथा प्रतिभा विकास शामिल हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि देश में बड़े पैमाने पर निवेश को प्रोत्साहित करने और एक व्यापक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने के लिए सरकार ने सेमीकॉन इंडिया 1.0 के तहत 10 अरब अमेरिकी डॉलर और सेमीकॉन इंडिया 2.0 के तहत अतिरिक्त 15 अरब अमेरिकी डॉलर की प्रतिबद्धता जतायी है।
उन्होंने भारत के विशाल कुशल और प्रतिभाशाली पेशेवरों के समूह को जापान की उन्नत तकनीक, इंजीनियरिंग क्षमताओं और औद्योगिक विशेषज्ञता के साथ जोड़ने की महत्वपूर्ण संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की पूरक क्षमताएँ दोनों देशों के बीच निवेश, नवाचार, विनिर्माण और प्रौद्योगिकी साझेदारी के नये अवसर पैदा कर सकती हैं।
गोलमेज बैठक में लगभग 21 प्रमुख जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें टोक्यो इलेक्ट्रॉन, दाइफुकु, प्रिफर्ड नेटवर्क्स, एबेजा, मिनेबिया मित्सुमी, तनाका प्रेशियस मेटल्स टेक्नोलॉजीज, फुजीफिल्म होल्डिंग्स, टोरे इंडस्ट्रीज, निप्पॉन एक्सप्रेस होल्डिंग्स, मिजुहो फाइनेंशियल ग्रुप, क्योसेरा कॉरपोरेशन, फुजी इलेक्ट्रिक, टीओके, एयर वॉटर इंक., आरओएचएम, टोमोएगावा कॉरपोरेशन, एमयूएफजी बैंक लिमिटेड, एनईसी कॉरपोरेशन, यामाया इलेक्ट्रॉनिक्स, एएनए ट्रेडिंग और जेटरो शामिल थे। गोलमेज बैठक में विभिन्न भारतीय व्यापार मंडलों और कारोबारी प्रतिनिधिमंडलों ने भी भाग लिया।
भाग लेने वाली जापानी कंपनियों ने भारत के सेमीकंडक्टर और एआई क्षेत्रों में बढ़ते अवसरों पर विश्वास व्यक्त किया तथा मेक इन इंडिया, डिजाइन इन इंडिया और डेवलप इन इंडिया के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कंपनियों ने संबंधित क्षेत्रों में अपने परिचालन, क्षमताओं और परियोजना क्रियान्वयन के बारे में भी मंत्री को जानकारी दी।
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