नयी दिल्ली , अप्रैल 10 -- केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के महासचिव और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कुवैत तथा बहरीन के अपने समकक्षों के साथ वर्चुअल माध्यम से अलग-अलग बात की है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि केंद्रीय मंत्री ने जीसीसी और तीनों देशों के अपने समकक्षों के साथ बैठकों में पश्चिम एशिया में जल्द स्थायी शांति बहाली की कामना की, आपूर्ति श्रृंखला संबंधी बाधाओं को दूर करने में सहयोग का आश्वासन दिया और व्यापार जल्द से जल्द सुगम करने की जरूरत पर बल दिया।

श्री गोयल ने जीसीसी महासचिव जासिम मोहम्मद अल बुदेवी के साथ बैठक में जीसीसी देशों के प्रति भारत का समर्थन दोहराया और जरूरी खाद्य पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों से निपटने में सहयोग का भरोसा दिया। दोनों पक्षों ने निर्बाध व्यापार सुनिश्चित करने की जरूरत पर बल दिया।

यूएई के विदेश व्यापार मंत्री थानी बिन अहमद अल जेयूदी के साथ वार्ता में उन्होंने खाड़ी देश के प्रति भारत का समर्थन दुहाराया और हाल ही में उस पर हुए हमलों की निंदा की। उन्होंने पश्चिम एशिया संकट के दौरान वहां रह रहे भारतीय समुदाय को सतत समर्थन के लिए श्री जेयोदी का आभार जताया।

दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव की बात स्वीकार करते हुए व्यापारिक सुगमता जारी रखने के लिए साथ मिलकर प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होंने खुद पहल करते हुए वैकल्पिक व्यापारिक मार्ग खोलने के लिए संयुक्त अरब अमीरात की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि भारत ने यूएई को जरूरी समानों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किस प्रकार नये कदम उठाये हैं।

कुवैत के अपने समकक्ष ओसामा खालिद बूदई के साथ श्री गोयल ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए व्यापार एवं वाणिज्य में उपलब्ध अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने भारतीय समुदाय की चिंता करने के लिए खाड़ी देश के सरकार की तारीफ की।

दोनों पक्ष इस बात पर सहमत थे कि ईंधन की आपूर्ति और व्यापार जल्द से जल्द बहाल किये जाने चाहिए। भारत ने आपूर्ति श्रृंखला में बाधा को दूर करने में, विशेषकर कुवैत की खाद्य सुरक्षा से संबंधित, सहयोग की इच्छा जतायी।

बहरीन के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अब्दुल्ला बिन आदिल फाखरो के साथ बैठक में श्री गोयल ने देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर हमलों की निंदा की और उसकी सुरक्षा और स्थिरता के लिए भारत के समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने वहां भारतीय समुदाय को दी गयी मदद के लिए बहरीन की सरकार को धन्यवाद दिया।

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