पीलीभीत , जनवरी 31 -- उत्तर प्रदेश में पीलीभीत स्थित गोमती उद्गम स्थल (माधोटांडा) के संरक्षण और सौंदर्याकरण के लिए केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने 56.88 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है। इस संबंध में मंत्रालय ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए 'वैप्कॉस लिमिटेड' को निर्देश जारी किए हैं।

बताया गया है कि पीलीभीत सांसद एवं केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के प्रयासों के बाद यह स्वीकृति मिली है। उन्होंने इस विषय को केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया था और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से कई दौर की बातचीत की थी।

परियोजना के तहत गोमती उद्गम स्थल पर नदी किनारे भव्य घाटों और पैदल पथ (पाथ-वे) का निर्माण किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से व्यापक वृक्षारोपण कर हरित क्षेत्र विकसित किया जाएगा। साथ ही सैलानियों के लिए आधुनिक सुविधा केंद्र और आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। परिसर को धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के अनुरूप विकसित करने की भी योजना है।

किसान नेता देव स्वरूप पटेल ने कहा कि यह परियोजना केवल नदी संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और पीलीभीत के हस्तशिल्प को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगी।

गोमती के पुनरुद्धार की स्वीकृति से स्थानीय जनता और सामाजिक संगठनों में उत्साह है। लोगों का मानना है कि लंबे समय से उपेक्षित रही गोमती अब अपने पवित्र और मूल स्वरूप में लौट सकेगी। इस योजना को जिले के सामाजिक एवं आर्थिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित