श्रीगंगानगर , अप्रैल 13 -- राजस्थान के श्रीगंगानगर में बाल यौन अपराध संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम मामलों की विशेष अदालत (संख्या दो ) ने गोद दी हुई अपनी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने के मामले में एक व्यक्ति को 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई हैं।
अदालत ने सोमवार को अपने इस महत्वपूर्ण फैसले में आरोपी मदन लाल (40) को अपने ही भाई-भाभी को गोद दी हुई अपनी बारह वर्षीय नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने का दोषी करार देते हुए पोक्सो एक्ट के तहत यह सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना नहीं अदा करने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
विशिष्ट लोक अभियोजक हरवीर सिंह बराड़ ने बताया कि यह मामला जिले के अनूपगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव का है जहां गत वर्ष 31 अक्टूबर मदनलाल ने नाबालिग को सरसों का एक कट्टा उठाकर बाहर लाने में मदद करने के लिए घर में बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में पीड़ित बालिका की मां ने आरोपी मदनलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
मदनलाल ने अपनी बेटी को जन्म के 13 दिन बाद ही अपने भाई-भाभी को गोद दे दिया था।
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