महासमुंद , फरवरी 06 -- छत्तीसगढ़ में स्थित महासमुंद जिले के जंगलबेड़ा गांव में प्रस्तावित गोदावरी सोलर प्लांट के विरोध में ग्रामीण आज से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना ग्राम सभा की अनुमति और प्रस्ताव के सोलर प्लांट का कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे गांव की कृषि भूमि और जलस्रोतों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
धरने की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक चातुरी नंद भी मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और ''सोलर प्लांट हटाओ, जंगलबेड़ा बचाओ'' जैसे नारे लगाते नजर आए।
ग्रामीणों ने बताया कि शासन की हरेली सहेली योजना के तहत लगभग 90 ग्रामीणों को खेती के लिए ढाई-ढाई एकड़ जमीन आवंटित की गई थी, लेकिन सोलर प्लांट निर्माण के नाम पर उन्हें उस जमीन से बेदखल कर दिया गया। इससे कई परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सोलर प्लांट परिसर के भीतर स्थित तीन जोगी डबरी (जलस्रोत) को पाट दिया गया, जिससे क्षेत्र में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि यह न केवल पर्यावरण के खिलाफ है, बल्कि गांव की पारंपरिक जल संरचनाओं के विनाश के समान है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और कंपनी प्रबंधन पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि सोलर प्लांट का कार्य तत्काल नहीं रोका गया और उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज करते हुए भूख हड़ताल की जाएगी।
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