कारवार , जुलाई 19 -- कर्नाटक पुलिस के तटीय इलाके गोकर्ण में मादक-पदार्थ विरोधी दस्ते में शामिल सूपा नाम का खोजी कुत्ता मादक पदार्थ विरोधी अभियानों में एक प्रमुख जरिया बन गया है।

बेल्जियन मैलिनोइस नस्ल का एक साल का यह कुत्ता अपनी सूंघने की तेज क्षमता के कारण मादक पदार्थों को ढूंढ निकालता है और पुलिस को केस सुलझाने में मदद करता है।

गोकर्ण के रिसॉर्ट्स में हाल ही में हुई अचानक छापेमारी के दौरान सूपा ने छिपे हुए नशीले पदार्थ ढूंढे। उसने उन लोगों को पकड़वाने में भी मदद की जिन्होंने मादक पदार्थ का सेवन कर रखा था। इससे पुलिस को ड्रग नेटवर्क का पता लगाने के लिए जरूरी सुराग मिले। इन कार्रवाइयों के बाद यह कुत्ता चर्चा में है और मादक पदार्थ तस्करों के बीच खौफ का कारण बढ़ गया है।

सूपा का जन्म 9 अगस्त 2025 को हुआ था। जब यह तीन महीने का था, तब पुलिस ने इसे चुन लिया था और ट्रेनिंग के लिए बेंगलुरु के अडुगोडी स्थित पुलिस डॉग ट्रेनिंग सेंटर भेजा था। महीनों की कड़ी ट्रेनिंग के बाद सूपा को इसी साल 9 जून को उत्तर कन्नड़ पुलिस में शामिल किया गया।अब सूपा अपने हैंडलर प्रवीण गौड़ा और शुभम गुराव के साथ मिलकर जिले के मादक पदार्थ-विरोधी अभियानों में लगातार काम कर रहा है।

पुलिस के मुताबिक, सूपा होटल के कमरों, गाड़ियों, सामान और कूरियर पार्सल में छिपे मादक पदार्थों को तुरंत पकड़ लेता है। वह गांजा, हेरोइन, कोकीन और सिंथेटिक ड्रग्स को कुछ ही सेकंड में पहचान सकता है। अधिकारियों का कहना है कि सूपा के होने से अपराधी मादक पदार्थ ले जाने से डरते हैं। तस्कर कैमरों से बच सकते हैं, मोबाइल-कंप्यूटर का डेटा मिटा सकते हैं या रास्ता बदल सकते हैं, लेकिन खोजी कुत्ते से छिपाना उनके लिए बहुत मुश्किल होता है।

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