कांकेर , जुलाई 21 -- छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में मंगलवार को विश्व कोया (गोंडी) भाषा दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर गोंडवाना भवन में आयोजित कार्यक्रम के बाद विशाल रैली निकाली गई और गोंडी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर एसडीओ कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया।

गोंडवाना समाज समन्वय समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 11वीं राष्ट्रीय कोया-गोंडी भाषा मानकीकरण कार्यशाला में सात राज्यों के प्रतिनिधियों तथा स्थानीय कोया-गोंड समाज के लोगों ने भाग लिया। मध्यप्रदेश के प्रतिनिधि शिवप्रसाद दुर्वे ने गोंडवाना ध्वज फहराया, जबकि कोंडागांव निवासी राम नेताम द्वारा लिखित गोंडी व्याकरण पुस्तक का विमोचन किया गया।

इसके बाद निकाली गई रैली में प्रतिभागियों ने महारानी दुर्गावती और भगवान पेरुसामुंडा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा एसडीओ कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।

राष्ट्रीय समन्वयक मडावी नेहरू ने कहा कि गोंडी भाषा देश की प्राचीन भाषाओं में से एक है, लेकिन अब तक इसे आधिकारिक मान्यता नहीं मिल सकी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से कोया समाज ने गोंडी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन का दूसरा चरण शुरू किया है और संवैधानिक मान्यता मिलने तक यह अभियान जारी रहेगा।

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