जामताड़ा , मार्च 25 -- झारखंड के जामताड़ा जिले में देश में चल रहे गैस संकट के बीच साइबर अपराधियों ने इसे भी अपनी कमाई का जरिया बना लिया।

जामताड़ा में पुलिस ने ठगी के एक हाई-टेक तरीके का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने जिले के बिंदापाथर और नारायणपुर थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो लोगों को पर फर्जी एलपीजी ऐप(एपीके फाइल) भेजकर लोगों के बैंक खाते और ई-वॉलेट साफ कर देते थे। पुलिस को लगातार मिल रही सूचना के बाद जामताड़ा साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुख्यात साइबर अपराधियों को पकड़ने में सफलता पाई है।

मामले की जानकारी देते हुए साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को व्हाट्स एप पर संदेश भेजते थे कि उन्हें एलपीजी गैस सब्सिडी या बुकिंग के लिए एक विशिष्ट ऐप (एपीके फाइल) डाउनलोड करना होगा। जैसे ही कोई यूजर उस फाइल को इंस्टॉल करता, अपराधियों को उसके फोन की निजी जानकारी और ओटीपी(ओटीपी) का एक्सेस मिल जाता था। फोन का कंट्रोल मिलते ही अपराधी ई-वॉलेट और बैंकिंग ऐप्स के जरिए पैसों का ट्रांजैक्शन कर लेते थे।

पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना के मनीष कुमार गुप्ता की टीम ने पगला मोड़ और झिलवा गांव में दबिश दी। इस दौरान तीन आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया। पकड़े गए अपराधियों में राहुल गोराई नयन मंडल, जगदीश मंडल शामिल है।

पुलिस ने अपराधियों के पास से ठगी के इस्तेमाल में आने वाला भारी सामान बरामद किया है। जिसमे नकद 1,02,400 (एक लाख दो हजार चार सौ रुपये),6 मोबाइल फोन, 8 सिम कार्ड और 1 एटीएम कार्ड और एक मोटरसाइकिल बरामद किया है।

पुलिस ने साइबर थाना जामताड़ा में कांड संख्या 18/26 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह के तार देश के अन्य किन राज्यों से जुड़े हैं।

किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा व्हाट्सएप पर भेजी गई एपीके फाइल को कभी डाउनलोड न करें। आधिकारिक ऐप केवल 'गूगल प्ले स्टोर' या 'एप्पल ऐप स्टोर' से ही इंस्टॉल करें। गैस सिलेंडर या सब्सिडी से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।

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