मुंबई , अगस्त 19 -- महाराष्ट्र में कांग्रेस विधायक दल के उपनेता अमीन पटेल ने बुधवार को परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक से गैर-मराठी भाषी टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों की रोजी-रोटी की चिंताओं का हवाला देते हुए उनके मराठी सीखने की समयसीमा बढ़ाने का आग्रह किया।
महाराष्ट्र सरकार गुरुवार से एक नया नियम लागू करने जा रही है, जिसके तहत व्यावसायिक वाहन चालकों को मराठी का व्यावहारिक ज्ञान होना अनिवार्य होगा।
परिवहन मंत्री को 19 अगस्त को लिखे पत्र में श्री पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के हजारों चालक काम की तलाश में मुंबई आते हैं और अपनी आजीविका के लिए टैक्सी तथा ऑटो-रिक्शा चलाने पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में सभी टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों को यात्रियों से बातचीत आसान बनाने और नियमों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए मराठी का व्यावहारिक ज्ञान होना आवश्यक है।
श्री पटेल ने कहा कि वह इस बात से सहमत हैं कि मुंबई में रोजी-रोटी कमाने वाले चालकों को मराठी भाषा का ज्ञान होना चाहिए, लेकिन उन्होंने तर्क दिया कि भाषा सीखने के लिए तय की गयी समयसीमा बहुत कम है। उन्होंने कहा कि इस शर्त को पूरा न कर पाने की स्थिति में परमिट निलंबित हो सकते हैं, जिससे चालकों के रोजगार और आय पर सीधा असर पड़ेगा।
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