नयी दिल्ली , अगस्त 21 -- चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश में गैर-पंजीकृत कंपनियों की संख्या नौ प्रतिशत से ज्यादा बढ़ी।
गैर-पंजीकृत कंपनियां ऐसी कंपनियां हैं जिनका कंपनी कानून के तहत पंजीकरण नहीं है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा शुक्रवार को जारी तिमाही रिपोर्ट के अनुसार, इस साल 30 जून को गैर-पंजीकृत कंपनियों की अनुमानित संख्या 8.67 करोड़ थी। यह एक साल पहले 7.94 करोड़ थी। इस प्रकार इसमें 9.20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी।
इन कंपनियों में रोजगार प्राप्त लोगों की संख्या भी एक साल पहले के 12.86 करोड़ से बढ़कर 13.70 करोड़ हो गयी। यह सालाना आधार पर 6.55 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है।
सरकारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि गैर-पंजीकृत गैर-कृषि क्षेत्र की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में काफी हिस्सेदारी है और देश की अर्थव्यवस्था में उसका बहुत बड़ा योगदान है।
गैर-पंजीकृत कंपनियों की इस वृद्धि में सेवा क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें रोजगार प्राप्त लोगों की संख्या सालाना 21 प्रतिशत बढ़ी। विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार 6.60 प्रतिशत और कंपनियोंकी संख्या 10.06 प्रतिशत बढ़ी।
व्यापार क्षेत्र में कंपनियों की संख्या सालाना 7.88 प्रतिशत और रोजगार 10.29 प्रतिशत घटी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि गैर-पंजीकृत कंपनियों में महिला कर्मचारियों की संख्या 30 प्रतिशत पर पहुंच गयी है। इसमें एक साल पहले की तुलना में मामूली वृद्धि हुई है।
इन कंपनियों में करीब 80 प्रतिशत पैसे की लेनदेन के लिए डिजिटल माध्यमों- ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई, पीओएस आदि - का प्रयोग करते हैं।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने बताया कि इनमें के 42.50 प्रतिशत कंपनियां कंपनी कानून में पंजीकरण न होने के बावजूद किसी न किसी प्रणाली में पंजीकृत हैं।
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