भोपाल , मई 06 -- मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है और इसे अव्यवस्थित तथा किसान विरोधी बताते हुए 7 मई को प्रदेशव्यापी चक्का जाम आंदोलन का ऐलान किया है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन के तहत आगरा-मुंबई राजमार्ग पर विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किया जाएगा। भोपाल संभाग के जिलों के कार्यकर्ता और किसान प्रतिनिधि शाजापुर में एकत्रित होकर चक्का जाम करेंगे।
कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में गेहूं खरीदी व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है। पार्टी के अनुसार खरीदी के शुरुआती 14 दिनों में केवल 9.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी होना सरकार की तैयारी और प्रबंधन की कमी को दर्शाता है। किसानों को स्लॉट बुकिंग, पंजीयन पर्ची अपलोड, भुगतान में देरी और खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
पार्टी ने कहा कि कई स्थानों पर पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं, जिससे किसानों को कई दिनों तक परेशान होना पड़ रहा है। खरीदी में देरी के कारण किसानों को मजबूरी में कम दाम पर अपनी उपज बेचनी पड़ रही है।
कांग्रेस ने मांग की है कि किसानों को समर्थन मूल्य 2625 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाए और जिन किसानों ने कम कीमत पर गेहूं बेचा है, उन्हें अंतर की राशि का भुगतान किया जाए। साथ ही मूंग खरीदी, सोयाबीन के समर्थन मूल्य और अन्य फसलों से जुड़े वादों पर भी सरकार से जवाब मांगा गया है।
जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में पी.सी. शर्मा, प्रवीण सक्सेना, अनोखी मानसिंह पटेल, अरुण श्रीवास्तव, अभिषेक शर्मा और जितेंद्र मिश्रा सहित अन्य नेताओं ने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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