भोपाल , अप्रैल 23 -- मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में गेहूं खरीदी व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि खरीदी की मौजूदा रफ्तार से निर्धारित लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है, जिससे किसानों के हित प्रभावित हो रहे हैं।
पटवारी ने दावा किया कि नौ अप्रैल से शुरू हुई खरीदी के 14 दिनों में लगभग 2.21 लाख किसानों से करीब 9.51 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। उनके अनुसार इस गति से 80 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के लिए 100 दिन से अधिक समय लगेगा, जबकि खरीदी की समय सीमा सीमित है।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्लॉट बुकिंग में देरी और अव्यवस्था के कारण किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य के बजाय कम दाम पर निजी बाजार में गेहूं बेचने को मजबूर हो रहे हैं। साथ ही कुछ मामलों में बिना स्लॉट बुकिंग के खरीदी होने का भी आरोप लगाया गया है।
पटवारी ने तुलाई के बाद भुगतान में देरी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सत्यापन की प्रक्रिया पहले की जानी चाहिए थी। उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता या जानबूझकर की गई देरी बताया। उन्होंने सर्वर समस्या, बारदाने की कमी और अन्य व्यवस्थागत खामियों का हवाला देते हुए कहा कि इन कारणों से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पटवारी ने मांग की कि खरीदी प्रक्रिया में सुधार किया जाए, भुगतान में हो रही देरी समाप्त की जाए और सभी किसानों से गेहूं खरीदी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।
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