वाराणसी , अप्रैल 17 -- गेल (इंडिया) लिमिटेड ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर स्थित अन्नपूर्णा रसोई में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) आपूर्ति की सफल शुरुआत शुक्रवार को कर दी है। यह काशी विश्वनाथ क्षेत्र में किसी भी रसोई को दिया गया पहला पीएनजी कनेक्शन है, जो क्षेत्र में स्वच्छ, सुरक्षित और सतत ऊर्जा के उपयोग की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।
यह उपलब्धि गेल की वाराणसी सीजीडी परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है। पीएनजी आपूर्ति का शुभारंभ मंदिर प्रशासन की ओर से उप जिलाधिकारी शंभु शरण और गेल के महाप्रबंधक सुशील कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। सुशील कुमार वर्तमान में वाराणसी सीजीडी परियोजना का नेतृत्व कर रहे हैं।
इस अवसर पर गेल की ओर से गौरी शंकर मिश्र (महाप्रबंधक), सुरेश तिवारी (महाप्रबंधक), कालाधर नारायण (महाप्रबंधक - संविदा एवं खरीद), उदित सिन्हा (महाप्रबंधक - वित्त), नवाज़िश अली अंसारी (उप महाप्रबंधक - परियोजनाएँ), चंदन कुमार (मुख्य प्रबंधक - परिचालन एवं अनुरक्षण), प्रवीण सिंह (मुख्य प्रबंधक - स्टील) तथा देबाशीष साहू (वरिष्ठ अधिकारी - विपणन) उपस्थित रहे। नवाज़िश अली अंसारी वाराणसी में पाइपलाइन बिछाने के कार्य की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
अन्नपूर्णा रसोई को पीएनजी से जोड़ने का कार्य रिकॉर्ड मात्र 9 दिनों में सफलतापूर्वक पूरा किया गया। यह कार्य तकनीकी दृष्टि से अत्यंत चुनौतीपूर्ण था। काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुँचने वाली गलियाँ अत्यंत संकरी, भीड़भाड़ वाली और उच्च पैदल यात्री आवागमन वाली हैं। इसके अलावा क्षेत्र में अनेक भूमिगत उपयोगिताएँ, सीमित कार्यस्थल और सुरक्षा के कड़े मानक कार्य के प्रमुख अवरोध थे।
इन सभी चुनौतियों के बावजूद गेल की टीम ने निरंतर दिन-रात कार्य करते हुए, सूक्ष्म योजना, मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से तथा सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए पाइपलाइन बिछाने और पीएनजी आपूर्ति प्रारंभ करने का कार्य समय से पहले पूरा कर लिया। यह गेल टीम की तकनीकी दक्षता, प्रतिबद्धता और टीमवर्क का सशक्त उदाहरण है।
श्री शंभू शरण ने बताया कि अन्नपूर्णा रसोई प्रतिदिन लगभग 15,000 श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद एवं भोजन तैयार करती है। अब तक इस रसोई में प्रतिदिन करीब 15 वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की खपत होती थी, जो प्रतिमाह लगभग 450 सिलेंडर बनती थी। पीएनजी आपूर्ति शुरू होने के बाद इन एलपीजी सिलेंडरों को अन्य क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जा सकेगा, जिससे अन्य उपभोक्ताओं को भी लाभ मिलेगा और ईंधन संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।
इस पहल से न केवल अन्नपूर्णा रसोई की परिचालन दक्षता, सुरक्षा और लागत प्रभावशीलता में सुधार होगा, बल्कि इसके माध्यम से आसपास के आवासीय एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं तक पीएनजी नेटवर्क के विस्तार का मार्ग भी प्रशस्त होगा। इससे क्षेत्र के निवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित और निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति उपलब्ध होगी तथा पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
काशी जैसे आध्यात्मिक और ऐतिहासिक नगर में स्वच्छ ऊर्जा की इस पहल से ग्रीन और सतत वाराणसी के निर्माण की दिशा में गेल (इंडिया) लिमिटेड की निरंतर प्रतिबद्धता और मजबूत हुई है।
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