गौतमबुद्धनगर , अगस्त 20 -- उत्तर प्रदेश में जनपद गौतमबुद्धनगर से होकर गुजरने वाली गेल (इंडिया) लिमिटेड की उच्च दाब प्राकृतिक गैस पाइप लाइनों की सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कि हैं।

जिलाधिकारी मेधा रूपम ने गुरुवार को बताया कि,संबंधित विभागों, कार्यदायी संस्थाओं और आमजन से पाइपलाइन तथा उसके क्षेत्र में किसी भी प्रकार का कार्य शुरू करने से पहले गेल से अनिवार्य रूप से अनुमति लेने और सुरक्षा संबंधी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

गेल की उच्च दाब प्राकृतिक गैस पाइपलाइनों के माध्यम से उत्तर भारत और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के उर्वरक संयंत्रों, पेट्रोकेमिकल उद्योगों, गैस आधारित विद्युत संयंत्रों तथा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की जाती है। इन पाइपलाइनों को राष्ट्रीय महत्व की महत्वपूर्ण ऊर्जा अवसंरचना के रूप में देखा जाता है। ऐसे में इनकी सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है।

हाल के दिनों में पाइपलाइनों के ऊपर या उनके आसपास तृतीय पक्ष द्वारा बिना पूर्व अनुमति और गेल से समन्वय किए उत्खनन कार्य किए जाने की कई घटनाएं सामने आई हैं। इस तरह के अनधिकृत कार्यों से हाईप्रेशर गैस पाइपलाइन को क्षति पहुंचने की आशंका रहती है, जिससे जन सुरक्षा के साथ-साथ महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

इसी को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), सिंचाई विभाग, नगर निकायों, विद्युत विभाग, संबंधित विभागों, जलापूर्ति एजेंसियों तथा अन्य कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया है कि पाइपलाइन क्षेत्र में किसी भी परियोजना अथवा निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले गेल के अधिकारियों से आवश्यक अनुमति और सुरक्षा समन्वय प्राप्त किया जाए।

उन्होंने कहा कि गेल की गैस पाइपलाइन अथवा उसके क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी प्रकार की खुदाई, पाइलिंग, बोरिंग या अन्य भू-कार्य नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा सड़क निर्माण, जलापूर्ति अथवा विद्युत लाइन बिछाने और अन्य निर्माण गतिविधियों से पहले भी संबंधित एजेंसियों को पाइपलाइन की स्थिति की जानकारी लेकर गेल के साथ आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।

जिलाधिकारी ने जनसामान्य से भी अपील की है कि पाइपलाइन क्षेत्र के आसपास किसी प्रकार का निर्माण, खुदाई या अन्य गतिविधि करने से पहले संबंधित विभाग और गेल से आवश्यक अनुमति एवं सुरक्षा संबंधी जानकारी प्राप्त करें। प्रशासन का उद्देश्य महत्वपूर्ण गैस अवसंरचना की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ किसी संभावित दुर्घटना अथवा आपात स्थिति को पहले ही रोकना है।

प्रशासन ने संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि गौतमबुद्धनगर से होकर गुजरने वाली उच्च दाब प्राकृतिक गैस पाइपलाइनों की सुरक्षा बनी रहे और एनसीआर सहित उत्तर भारत के विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थानों को गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

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