नयी दिल्ली , मार्च 11 -- केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गेनबिटकॉइन क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी मामले में डार्विन लैब्स प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक और सीटीओ मुख्य आरोपी आयुष वार्ष्णेय को गिरफ्तार किया है।

सीबीआई के सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ़ लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया था। गत नौ मार्च को उसे मुंबई में आव्रजन अधिकारियों ने भारत छोड़ने की कोशिश करते हुए पकड़ा और बाद में सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई ने आरोपी को 10 मार्च को गिरफ्तार किया था।

उन्होंने बताया कि यह मामला वैरिएबलटेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा शुरू की गई कथित बिटकॉइन पोंजी स्कीम से जुड़ा है, जिसमें निवेशकों को ज़्यादा मुनाफे का वादा करके एक फर्जी क्रिप्टोकरेंसी योजना में निवेश करने के लिए उकसाया गया था। निवेशकों से इकट्ठा किए गए पैसे बाद में गलत इस्तेमाल किए गए।

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