श्रीनगर , सितंबर 03 -- केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लद्दाख के प्रतिनिधियों के साथ अपनी उप-समिति की बैठक नौ सितंबर को नयी दिल्ली में आयोजित करने का निर्णय लिया है।

लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने गुरुवार को बताया कि यह केंद्र शासित प्रदेश में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को और मजबूत करने के लिए जारी संवाद का हिस्सा है। यह घोषणा ऐसे दिन हुई है जब उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने केंद्र शासित प्रदेश के सभी सात जिलों में लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषदों (एलएएचडीसी) के गठन की अधिसूचना को मंजूरी दी है।

यह बैठक केंद्र, लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के बीच लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों, अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व और स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने के अधिकार को मजबूत करने को लेकर जारी बातचीत के बीच हो रही है।

एलएबी और केडीए राज्य का दर्जा, संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा उपाय, नौकरियों में आरक्षण और लेह तथा कारगिल के लिए अलग-अलग संसदीय प्रतिनिधित्व की मांग करते रहे हैं। इसके अलावा वे क्षेत्र की भूमि, संस्कृति और रोजगार संबंधी हितों के लिए अधिक मजबूत संरक्षण की भी मांग कर रहे हैं।

गृह मंत्रालय और लद्दाख के नेताओं के बीच उप-समिति स्तर की वार्ता 22 मई को नयी दिल्ली में हुई थी। इसके बाद एलएबी और केडीए ने कहा था कि संवैधानिक सुरक्षा उपाय प्रदान करने को लेकर सहमति बनी है। इसके बाद अगस्त में लेह में लद्दाख के नेताओं और गृह मंत्रालय के अधिकारियों के बीच वार्ता का एक और दौर हुआ।

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