श्रीनगर , सितंबर 10 -- लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने गुरुवार को कहा कि गृह मंत्रालय (एमएचए) ने लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) को अनुच्छेद 371 के तहत संवैधानिक संशोधन का मसौदा तैयार करने से पहले लद्दाख के प्रस्तावित राजनीतिक ढांचे से जुड़े लगभग 8-10 अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श करें और आम सहमति बनाने की सलाह दी है।
लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा बुधवार को नयी दिल्ली में हुई उप-समिति की बैठक में शामिल हुए थे।
श्री कुंद्रा ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि लद्दाख के लिए एक विशेष संवैधानिक ढांचे के तहत केंद्र शासित प्रदेश स्तर की चुनी हुई संस्था बनाने के प्रस्ताव पर बातचीत आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि एलएबी और केडीए के प्रतिनिधि इस बात पर सहमत हुए हैं कि प्रस्तावित यूटी -स्तरीय संस्था के लिए चुनाव सीधे निर्वाचन क्षेत्रों के माध्यम से होने चाहिए, न कि लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदों (एलएएचडीसी) के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि प्रस्तावित संस्था की शक्तियों और कामकाज से जुड़े कई मुद्दों पर अभी फैसला होना बाकी है।
श्री कुंद्रा ने कहा, "एलएएचडीसी और यूटी -स्तर की संस्था के बीच संबंधों को लेकर कुछ सवाल हैं - जैसे कि कौन सी शक्तियां एलएएचडीसी के अधिकार क्षेत्र में होंगी और कौन सी शक्तियां यूटी -स्तर की संस्था के पास होंगी।" उन्होंने बताया कि बैठक में शामिल नेताओं के साथ लगभग 8-10 सवालों की एक सूची साझा की गयी थी और उनसे कहा गया था कि वे इन पर विचार-विमर्श करें, आपस में और लोगों से सलाह-मशविरा करें और अपनी राय केंद्र तक पहुंचायें।
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