श्रीनगर , जुलाई 01 -- जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में बढ़ते यातायात दबाव और पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहली बार ऑड-ईवन यातायात व्यवस्था लागू की जा रही है। यह किसी भी पर्यटन स्थल पर लागू की गयी अपनी तरह की पहली व्यवस्था होगी।
गुलमर्ग विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा जारी आदेश में बताया कि यह व्यवस्था अगले एक महीने के लिए पांच जुलाई से पांच अगस्त तक पायलट परियोजना के रूप में लागू रहेगी।
अधिकारियों के अनुसार, हाल के वर्षों में गुलमर्ग आने वाले पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गयी है, जिससे स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को लगातार जाम, पार्किंग की कमी और पर्यावरण पर दबाव जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है। गुलमर्ग में लगभग 1,500 वाहनों की पार्किंग क्षमता है, जबकि पर्यटन के चरम मौसम में प्रतिदिन 6,000 से अधिक वाहन यहां पहुंच रहे हैं।
प्रशासन ने बताया कि वाहनों की अत्यधिक संख्या के कारण यातायात जाम, वायु गुणवत्ता में गिरावट, ध्वनि प्रदूषण, सीमित सड़क अवसंरचना पर दबाव, आपातकालीन सेवाओं में बाधा, सार्वजनिक स्थानों का क्षरण तथा गुलमर्ग के संवेदनशील अल्पाइन पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
नयी व्यवस्था के तहत जिन चार-पहिया वाहनों के पंजीकरण नंबर का अंतिम अंक विषम (ऑड) होगा, उन्हें केवल विषम तारीखों पर गुलमर्ग में प्रवेश की अनुमति मिलेगी। इसी प्रकार सम (ईवन) अंक वाले वाहनों को सम तारीखों पर ही प्रवेश दिया जाएगा। आपातकालीन सेवाओं तथा माल एवं आवश्यक वस्तुओं को लाने-ले जाने के वाले वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट रहेगी।
अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य यातायात को सुचारु बनाना, पर्यटकों के अनुभव को बेहतर करना और विश्व प्रसिद्ध पर्वतीय पर्यटन स्थल पर पर्यावरणीय दबाव कम करना है।
प्रशासन के अनुसार, एक महीने तक इस व्यवस्था के प्रभाव का आकलन किया जाएगा। इसके बाद पर्यटकों, स्थानीय निवासियों और अन्य हितधारकों से प्राप्त सुझावों एवं अनुभवों के आधार पर भविष्य में इसे जारी रखने या संशोधित करने पर निर्णय लिया जायेगा।
गुलमर्ग अपनी विश्वस्तरीय स्की ढलानों, हरे-भरे घास के मैदानों और गोंडोला केबल कार के लिए प्रसिद्ध है तथा हर वर्ष यहां लाखों पर्यटक पहुंचते हैं।
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