चंडीगढ़ , सितंबर 09 -- भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा, पंजाब के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने तुर्बनजारा गांव के गुलजार सिंह की मौत को गंभीर और चिंताजनक घटना बताते हुए पंजाब की भगवंत मान सरकार और प्रशासन से पूरे मामले में जवाब देने की मांग की है। श्री कैंथ ने बुधवार को कहा कि गुलजार सिंह किसी राजनीतिक लाभ के लिए सवाल नहीं उठा रहे थे, बल्कि वह एक पिता थे, जिनका पुत्र कथित तौर पर नशे की लत का शिकार था। उन्होंने कहा कि गुलजार सिंह ने अपने पुत्र को नशे से बचाने के लिए सरकार के प्रतिनिधि से गुहार लगाई थी और गांव में कथित रूप से 'चिट्टा' बिकने को लेकर सवाल उठाया था।
उन्होंने कहा कि इस सवाल पर कार्रवाई होनी चाहिए थी, न कि सवाल उठाने वाले व्यक्ति को चुप कराने की स्थिति पैदा होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि यदि किसी आम मजदूर को गांव में नशे की बिक्री को लेकर सवाल उठाने के बाद असुरक्षित, अपमानित या दबाव महसूस करना पड़े, तो यह पंजाब में कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चेतावनी है।
श्री कैंथ ने कहा कि गुलजार सिंह के परिवार की ओर से लगाये गये आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि गुलजार सिंह पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए दबाव डाला गया था, तो जांच में यह पता लगाया जाना चाहिए कि दबाव किसने बनाया, उसका कारण क्या था और उनकी मौत से पहले की अवधि में वास्तव में क्या घटनाक्रम हुआ।
भाजपा नेता ने सरकार से सवाल किया कि गुलजार सिंह द्वारा नशे की बिक्री को लेकर उठाये गये सवाल पर प्रशासन की ओर से क्या जवाब दिया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित गांव में 'चिट्टा' बिक रहा है या नहीं। यदि नहीं बिक रहा था, तो प्रशासन को जांच कर वास्तविकता सामने लानी चाहिए और यदि बिक्री हो रही थी, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
श्री कैंथ ने भगवंत मान सरकार की नशा विरोधी मुहिम पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के दावों और जमीनी स्थिति के बीच कथित तौर पर काफी अंतर दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान की वास्तविक सफलता विज्ञापनों और बयानों से नहीं, बल्कि नशे की आपूर्ति श्रृंखला तोड़ने और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने से मापी जाएगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का अर्थ यह नहीं है कि केवल सत्ता में बैठे लोगों को बोलने का अधिकार हो और गरीब मजदूर केवल उनकी बातें सुनें। लोगों को सरकार से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है और सरकार की जिम्मेदारी सवाल पूछने वालों को डराने के बजाय उनके सवालों का जवाब देना है।
उन्होंने कहा कि गुलजार सिंह की मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां सामने आनी चाहिए। यह केवल गुलजार सिंह के परिवार का मामला नहीं है, बल्कि उन सभी पंजाबियों से जुड़ा मुद्दा है जो अपने बच्चों को नशे से बचाना चाहते हैं और सरकार से जवाब मांग रहे हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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