चंडीगढ़ , जुलाई 14 -- पंजाब सरकार श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को अभूतपूर्व स्तर पर मनाने जा रही है। पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने बताया कि इस ऐतिहासिक अवसर पर वर्षभर चलने वाले कार्यक्रमों के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया है।
पंजाब भवन में मंगलवार को प्रेस वार्ता के दौरान श्री सोंद ने कहा कि सरकार का उद्देश्य श्री गुरु रविदास जी के जीवन, दर्शन और समानता के संदेश को देश-दुनिया तक पहुंचाना है। इसके लिए धार्मिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राज्य के 13 हजार से अधिक गांवों में श्री गुरु रविदास जी के जीवन पर आधारित 30 मिनट की डॉक्यूमेंट्री दिखायी जा रही है। इसके अलावा स्कूलों में उनके जीवन और शिक्षाओं पर आधारित प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जुलाई से नवंबर तक राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों में सेमिनार और कार्यशालाएं भी आयोजित होंगी।
उन्होंने बताया कि अगस्त से नवंबर के बीच पंजाब के सभी विधानसभा क्षेत्रों में ड्रोन शो आयोजित किए जाएंगे, जिनमें आधुनिक तकनीक के माध्यम से श्री गुरु रविदास जी के जीवन और संदेश को प्रस्तुत किया जाएगा। विभिन्न जिलों में विशेष कीर्तन समागम भी आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार राज्यभर में 650 गुरु रविदास बगीचियां विकसित करेगी तथा 6.50 लाख पौधे लगाये जाएंगे। अगस्त में सभी जिला मुख्यालयों पर 'रन फॉर इक्वालिटी' मैराथन, सितंबर में साइकिल रैलियां और अक्टूबर में 6.50 लाख स्मृति ध्वज वितरित किए जाएंगे।
धार्मिक आयोजनों के तहत वाराणसी, फरीदकोट, बठिंडा और जम्मू से चार भव्य शोभा यात्राएं निकाली जाएंगी, जो पांच से आठ अक्टूबर के बीच खुरालगढ़ पहुंचेंगी। समारोह का समापन नौ से 11 अक्टूबर तक खुरालगढ़ में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ होगा। इस दौरान श्री गुरु रविदास जी के जीवन पर प्रदर्शनी, कथा-कीर्तन दरबार, संत सम्मेलन, गुरु वाणी पर विचार गोष्ठियां, मीनार-ए-बेगमपुरा पर 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग और भव्य ड्रोन शो मुख्य आकर्षण होंगे।
श्री सोंद ने कहा कि सरकार आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी के माध्यम से युवाओं को श्री गुरु रविदास जी के समानता, सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और मानवता के संदेश से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के निदेशक संजीव तिवारी भी उपस्थित रहे।
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