उदयपुर , जुलाई 11 -- राजस्थान में सकल जैन समाज का 29 जुलाई गुरू पूर्णिमा महोत्सव से यहां शुरू हो रहे चातुर्मास वर्षायोग के दौरान श्रद्धालुओं को संतों के सान्निध्य में धर्मसभा, प्रवचन, स्वाध्याय, आराधना एवं विविध धार्मिक आयोजनों का लाभ प्राप्त होगा।
वर्षायोग समिति के अध्यक्ष अशोक शाह ने शनिवार को बताया कि वर्षायोग पर 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव और दोपहर डेढ़ बजे फतह स्कूल प्रांगण में मंगल कलश स्थापना समारोह आयोजित किया जायेगा। इसी के साथ वर्षायोग का विधिवत शुभारंभ होगा।
उन्होंने बताया कि इस दिन करीब छह हजार श्रावक-श्राविकाओं के शामिल होने की संभावना है। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिये इन्दौर से श्रावकों से भरी पूरी रेलगाड़ी उदयपुर आयेगी। वर्षायोग के चारों महीनों में प्रतिदिन धर्मसभा, प्रवचन, स्वाध्याय, पूजन, अभिषेक, तप, आराधना एवं विविध धार्मिक-अध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनका लाभ श्रद्धालुओं को पूज्य मुनिसंघ के पावन सान्निध्य में प्राप्त होगा।
समाज अध्यक्ष पारस चित्तौड़ा ने समस्त समाजजनों एवं धर्मप्रेमी बंधुओं से आग्रह किया है कि वे इन सभी मांगलिक आयोजनों में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म प्रभावना के इस महायज्ञ में सहभागी बनें और गुरु भक्ति, धर्म आराधना एवं आत्मकल्याण का पुण्य अर्जित करें।
बहुभाषाविद्, प्रखर चिंतक एवं ओजस्वी वक्ता हैं श्रुतसंवेगी महाश्रमण 108 श्री आदित्यसागर जी महाराज-श्रुतसंवेगी महाश्रमण पूज्य मुनि 108 श्री आदित्यसागर महाराज दिगंबर जैन परंपरा के प्रख्यात संत, बहुभाषाविद्, प्रखर आध्यात्मिक चिंतक एवं ओजस्वी वक्ता हैं।
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