चित्रकूट , जुलाई 29 -- उत्तर प्रदेश के पौराणिक एवं धार्मिक तीर्थस्थल चित्रकूट में बुधवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। देश-विदेश से आए दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं एवं शिष्यों ने अपने-अपने गुरुओं का पूजन-अर्चन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रसाद ग्रहण किया।
साधु-संतों की तपोभूमि के रूप में विख्यात चित्रकूट के विभिन्न आश्रमों, अखाड़ों एवं धार्मिक स्थलों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। शिष्यों ने पारंपरिक विधि-विधान से अपने गुरुओं का पूजन कर गुरु-शिष्य परंपरा का निर्वहन किया।
जानकी कुंड, अनुसूया आश्रम, प्रमोद वन, निर्मोही अखाड़ा, संतोषी अखाड़ा, वेदांती आश्रम, सद्गुरु सेवा संघ, रामभद्राचार्य आश्रम तथा नवलेश दीक्षित आश्रम सहित सैकड़ों धार्मिक स्थलों पर गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
गुरु पूजन के उपरांत श्रद्धालुओं ने कामदगिरि की परिक्रमा की तथा श्रद्धानुसार दान-पुण्य भी किया। पूरे चित्रकूट क्षेत्र में दिनभर धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा तथा विभिन्न आश्रमों में भजन-कीर्तन, प्रवचन और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया।
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