अमृतसर , फरवरी 19 -- गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर में 20 फरवरी से तीन दिन की 'वर्ल्ड पंजाबी कॉन्फ्रेंस' शुरू होगी, जहां पंजाब, पंजाबी भाषा और कल्चर में अहम योगदान देने वाली आठ जानी-मानी हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा।

प्रबंधों का जायजा लेते हुए, कुलपति प्रो. (डॉ.) करमजीत सिंह ने गुरुवार को कहा कि पंजाब और पंजाबी भाषा और कल्चर उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, साथ ही उन्होंने कहा कि पंजाबी भाषा, साहित्य और कल्चर का सिस्टमेटिक डेवलपमेंट, प्रमोशन और फैलाव यूनिवर्सिटी के मुख्य लक्ष्यों में से हैं। उन्होंने कहा कि कॉन्फ्रेंस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के संदर्भ में पंजाब और पंजाबी के लिए भविष्य की संभावनाओं को तलाशेगी।

कॉन्फ्रेंस कोऑर्डिनेटर डॉ. मनजिंदर सिंह ने बताया कि कॉन्फ्रेंस का मुख्य विषय 'पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका' है। उद्घाटन सेशन 20 फरवरी को दोपहर 2:30 बजे यूनिवर्सिटी के गुरु नानक भवन के गोल्डन जुबली कन्वेंशन सेंटर में होगा। इसकी अध्यक्षता वाइस-चांसलर, प्रो. करमजीत सिंह करेंगे, जबकि कीनोट एड्रेस के.बी.एस. सिद्धू देंगे। इस मौके पर चीफ गेस्ट श्री तरलोचन सिंह होंगे, जबकि श्री विक्रमजीत सिंह साहनी और डॉ. दीपक मनमोहन सिंह गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर शामिल होंगे।

उद्घाटन वाले दिन शाम को, श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को समर्पित "1675" नाम का एक थिएटर परफॉर्मेंस होगा। 21 फरवरी को दूसरे कार्यक्रम के साथ एक अंतरराष्ट्रीय कवि दरबार भी होगा। कॉन्फ्रेंस के दौरान, पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत को दुनिया भर में पहचान दिलाने वाली आठ जानी-मानी हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें संत बाबा महिंदर सिंह, सरदारा सिंह जोहल, सुरिंदरपाल सिंह ओबेरॉय, चरणजीत सिंह बाठ, रणजीत सिंह, सविंदरपाल सिंह, कंवरपाल सिंह सूरी और बलदेव कंग शामिल हैं।

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