अमृतसर , मार्च 17 -- गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू) की सीनेट और सिंडिकेट ने वर्ष 2026-27 के लिए 773 करोड़ 17 लाख 42 हजार रुपये के बजट अनुमानों को मंजूरी दे दी है। विश्वविद्यालय कुल बजट का 46.50 प्रतिशत हिस्सा शिक्षण, अनुसंधान और शिक्षा के सुधार पर खर्च करेगा।
कुलपति प्रो. करमजीत सिंह ने मंगलवार को विश्वविद्यालय के सिंडिकेट और सीनेट हॉल में आयोजित बैठकों की अध्यक्षता की। रजिस्ट्रार प्रो. के.एस. चाहल ने कार्यसूची प्रस्तुत की। सदस्यों ने एक संतुलित बजट पेश करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को बधाई दी।
बजट में शिक्षण और अनुसंधान के लिए 46.50 प्रतिशत, पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ के लिए 15.79 प्रतिशत, गैर-शिक्षण विभाग 11.36 प्रतिशत, सामान्य प्रशासन 10.53 प्रतिशत, निर्माण कार्य के लिए 6.05 प्रतिशत, परीक्षा संचालन के लिए 2.97 प्रतिशत का प्रावधान किया गया है।
पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान, आर्थिक रूप से पिछड़े और मेधावी छात्रों को चार करोड़ 16 लाख 28 हजार रुपये की फीस रियायत दी गयी। 2,377 अनुसूचित जाति छात्रों की 22 करोड़ 24 लाख 69 हजार रुपये की पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप का दावा पंजाब सरकार को भेजा गया है। बजट में 200 शोधार्थियों को 8,000 रुपये प्रति माह की निश्चित छात्रवृत्ति प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।
कुलपति ने घोषणा की कि मानवीय जीवन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए विश्वविद्यालय पंजाबी भाषा सिखाने के लिए एक एआई-आधारित सॉफ्टवेयर विकसित कर रहा है। हाल ही में पंजाब, पंजाबी और पंजाबी संस्कृति में एआई की भूमिका पर एक विश्व स्तरीय सम्मेलन भी आयोजित किया गया। वर्ष 2025 के दौरान, विभिन्न विभागों के 624 छात्रों का चयन भारत और विदेशों की प्रतिष्ठित कंपनियों में हुआ।
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