गुरुग्राम , जुलाई 11 -- हरियाणा में गुरुग्राम के शांति निकेतन को-ऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी (एसजीएचएस) फर्जीवाड़ा मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आठ आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गयी।
ईडी ने यह जांच गुरुग्राम के सुशांत लोक थाना में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की है। प्राथमिकी में अनिल शर्मा, अरुण शर्मा, मंगल सैन मित्तल और अन्य पर सोसाइटी के सदस्यों के साथ कथित धोखाधड़ी करने का आरोप है।
जांच में सामने आया कि तत्कालीन अध्यक्ष मंगल सैन मित्तल ने अनिल शर्मा और अरुण शर्मा, जो कॉनोइसर इंफ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड (सीआईपीएल) के निदेशक हैं, के साथ मिलकर कथित रूप से धोखाधड़ी के जरिए सोसाइटी पर कब्जा कर लिया। आरोप है कि सदस्यों के धन का दुरुपयोग किया गया, फर्जी सदस्य बनाये गये, आधिकारिक रिकॉर्ड छिपाये गये और बड़ी राशि जुटाने के बाद आवासीय परियोजना को अधूरा छोड़ दिया गया।
ईडी ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।
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