चंडीगढ़ , अक्टूबर 03 -- हरियाणा के पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने शनिवार को अरावली शृंखला में विकसित देश के पहले 'तीर्थंकर वनम्' का उद्घाटन किया। यह पहल जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) गुरुग्राम चैप्टर फाउंडेशन द्वारा हरियाणा सरकार के वन विभाग के साथ हुए समझौता पत्र (एमओयू) के तहत आवंटित सरकारी वन भूमि पर की गयी है।

उद्घाटन के बाद राव नरबीर सिंह ने तीर्थंकर वनम् का भ्रमण किया और पौधारोपण भी किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। वन्यजीव सुरक्षा सप्ताह के दौरान अरावली क्षेत्र में इस तरह की पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी।

उन्होंने कहा कि जीतो ने जैन समाज के 24 तीर्थंकरों के स्मरण में जिस उद्देश्य से इस वनम् को विकसित किया है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। ऐसी पहल लोगों को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने का संदेश देती है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।

'तीर्थंकर वनम्' परिसर में 24 ध्यान स्थल बनाये गये हैं, जहां प्रत्येक ध्यान स्थल जैन धर्म के एक तीर्थंकर को समर्पित है। इस प्रकार यह वनम् आध्यात्मिक चिंतन, प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता का अनुपम संगम प्रस्तुत करता है।

जीतो एनवायरनमेंट एंड सस्टेनेबिलिटी के चेयरमैन आनंद चोरडिया ने बताया कि गुरुग्राम से शुरू हुई इस पहल को देश के अन्य हिस्सों तक ले जाने की योजना है।

जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों के स्मरण में देशभर में ऐसे 24 तीर्थंकर वनम् विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक सुभाष यादव, रमन जैन, अनिल जैन, संजय जैन सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित