चंडीगढ़ , अक्टूबर 05 -- ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (एचईआरसी) से गुरुग्राम और नूंह के लिए इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को प्रस्तावित समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के मामले में कोई एकतरफा फैसला नहीं लेने की अपील की है।
एआईपीईएफ के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि प्रस्तावित लाइसेंस से राज्य के अधिक राजस्व वाले बिजली वितरण क्षेत्रों के निजीकरण को लेकर आशंकाएं पैदा हुई हैं। उन्होंने कहा कि संगठन यह आरोप नहीं लगा रहा कि एचईआरसी ने पहले ही कंपनी के पक्ष में फैसला कर लिया है, लेकिन पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियामकीय निष्पक्षता जरूरी है। उन्होंने कहा कि अंतिम आदेश से पहले सभी संबंधित पक्षों की आपत्तियों पर उचित विचार किया जाना चाहिए।
एआईपीईएफ के मीडिया सलाहकार वी.के. गुप्ता ने कहा कि हरियाणा बिजली कर्मचारी और इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने 10 अगस्त को सरकार से मिले आश्वासनों के आधार पर अपनी प्रस्तावित हड़ताल 10 अक्टूबर तक स्थगित की थी। मोर्चे का आरोप है कि हरियाणा एग्रो-डिस्कॉम के गठन, स्मार्ट मीटर लगाने और गुरुग्राम-नूंह के लिए समानांतर वितरण लाइसेंस की प्रक्रिया रोकने संबंधी आश्वासनों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
श्री गुप्ता ने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो संयुक्त संघर्ष मोर्चा 10 अक्टूबर की बैठक में आगे के आंदोलन पर निर्णय लेगा।
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