चंडीगढ़ , अक्टूबर 22 -- हरियाणा के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस देने के फैसले को तुरंत रद्द करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों और प्रशासनिक विफलताओं के कारण प्रदेश के कई जिलों में बिजली संकट पैदा हो गया है। उन्होंने सरकार से बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों के संयुक्त मोर्चे के साथ बातचीत कर उनकी मांगों का समाधान निकालने की अपील की।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के कारण गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, पंचकूला, रोहतक और सोनीपत सहित कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। बिजली कटौती से घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों और उद्योगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली संकट के कारण पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है और औद्योगिक इकाइयों का उत्पादन घटने से उद्यमियों को नुकसान हो रहा है।
सांसद ने कहा कि इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का लाइसेंस देने पर गंभीर सवाल उठते हैं। उनके अनुसार, कंपनी की स्थापना करीब एक वर्ष पहले हुई थी और उसकी पूंजी मात्र एक करोड़ रुपये है। उन्होंने सवाल किया कि बिजली वितरण का पर्याप्त अनुभव और जरूरी संसाधन नहीं होने के बावजूद कंपनी को इतना बड़ा लाइसेंस किस आधार पर दिया गया।
दीपेंद्र हुड्डा ने दावा किया कि हरियाणा के बिजली विभाग को सालाना करीब 20 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है, जिसमें गुरुग्राम और नूंह की हिस्सेदारी लगभग 9,200 करोड़ रुपये है। उन्होंने आशंका जताई कि इन क्षेत्रों को निजी कंपनी के हवाले करने से सरकारी बिजली निगम की आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी।
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