गुरुग्राम , जुलाई 12 -- भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में गुरुग्राम में अत्याधुनिक 'टॉवर ऑफ जस्टिस' न्यायिक परिसर का लोकार्पण किया। इसी अवसर पर नूंह जिले के तावडू और पुन्हाना न्यायिक परिसरों का वर्चुअल शिलान्यास भी किया गया।
मुख्य न्यायाधीश ने इस असवर पर कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह न्यायिक परिसर हरियाणा सरकार की संवेदनशीलता और न्यायिक ढांचे को मजबूत करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में बढ़ते औद्योगिक और वाणिज्यिक विस्तार के साथ न्यायिक मामलों की संख्या भी बढ़ी है। ऐसे में यह नया परिसर लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण और न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। परिसर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, आधुनिक न्यायालय कक्ष, न्यायिक मालखाना और प्रस्तावित इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और राव इंद्रजीत सिंह भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 'टॉवर ऑफ जस्टिस' संविधान की गरिमा और न्यायपालिका पर नागरिकों के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के साथ 'ईज ऑफ जस्टिस' भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने बताया कि दो टावरों वाले इस परिसर में 55 आधुनिक अदालत कक्ष, बैंक, डाकघर, बार लाइब्रेरी, मध्यस्थता केंद्र और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। साथ ही पुराने न्यायालय परिसर के एक हिस्से में अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर बनाने की घोषणा भी की।
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