यमुनानगर , अगस्त 24 -- स्वामी आत्मानंद महाराज की तपोभूमि श्रीमद् दयानंद उपदेशक महाविद्यालय, गुरुकुल शादीपुर में आयोजित उपनयन एवं वेदारंभ संस्कार समारोह श्रद्धा और वैदिक वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में करीब 45 ब्रह्मचारियों का उपनयन एवं वेदारंभ संस्कार वैदिक विधि-विधान से कराया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य डॉ. यज्ञदेव याज्ञिक के ब्रह्मत्व में वैदिक यज्ञ से हुआ। संस्कार की विधियां गुरुकुल के प्राचार्य आचार्य सर्वमित्र आर्य ने संपन्न कराईं। इस दौरान ब्रह्मचारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ज्ञान, संयम, सदाचार और ब्रह्मचर्य के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
समारोह में हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा मुख्य अतिथि तथा यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भूमि, जल और पर्यावरण की रक्षा के साथ कृषि को टिकाऊ बनाया जाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने गुरुकुल की वैदिक शिक्षा और संस्कार आधारित व्यवस्था की सराहना करते हुए इसके विकास के लिए 11 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।
विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि गुरुकुल शिक्षा के साथ चरित्र, अनुशासन और संस्कार निर्माण का केंद्र है। उन्होंने अपने युवावस्था के संस्मरण साझा करते हुए बताया कि वर्ष 1974 के आसपास वह गुरुकुल में आयोजित सत्संगों में नियमित रूप से आते थे और रामगोपाल शाल वाले के प्रवचन सुनते थे।
उन्होंने कहा, "मैं आज भी उनकी पुस्तक का स्वाध्याय करता हूं और निरंतर प्रेरणा प्राप्त करता हूं।"गुरुकुल के व्यवस्थापक हरिश आर्य के नेतृत्व में ब्रह्मचारियों ने डंबल पीटी, लेजियम और मल्लखंभ का प्रदर्शन किया। उनके अनुशासन और शारीरिक कौशल की अतिथियों ने सराहना की।
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