ऋषिकेश , फरवरी 21 -- उत्तराखंड के रिषिकेश में गुरमत बाल विद्यालय की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शनिवार को विद्यालय परिसर में दो दिवसीय भव्य स्वर्ण जयंती समारोह का शुभारंभ किया गया।
इस ऐतिहासिक आयोजन में देश-विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे विद्यालय के पूर्व छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए और संस्थान की गौरवशाली यात्रा को याद किया।
विद्यालय का संचालन गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि स्वर्ण जयंती समारोह के पावन अवसर पर देश-विदेश से पहुंच रही संगत और अतिथियों के स्वागत के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। समारोह के दौरान वर्तमान एवं पूर्व छात्रों द्वारा शबद कीर्तन की विशेष प्रस्तुतियां दी जा रही हैं, साथ ही विद्यालय की 50 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों और योगदान पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।
उन्होंने बताया कि विश्वभर में सेवा दे रहे विद्यालय के पूर्व छात्रों का विशेष समागम भी इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण है। विद्यालय को सिख विरासत का अनमोल प्रकाश स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां से निकले रागी विश्वभर में गुरु साहिब की वाणी का प्रसार कर रहे हैं।
वर्ष 1976 में स्थापित यह संस्थान वंचित एवं गरीब परिवारों के बच्चों के लिए आशा की किरण रहा है। निःशुल्क एवं आवासीय सुविधा से युक्त विद्यालय ने न केवल आधुनिक शिक्षा प्रदान की है, बल्कि विद्यार्थियों को गुरमत संगीत और सिख मूल्यों में भी दक्ष बनाया है।
स्वर्ण जयंती समारोह के माध्यम से विद्यालय की आधी सदी की सेवा, संस्कार और शिक्षा की विरासत को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी जा रही है।
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