दरभंगा , मई 04 -- दीनदयाल उपाध्याय गर्ल्स डिग्री कॉलेज, सेवापुरी, वाराणसी की सहायक प्राचार्य डॉ. सुधा तिवारी ने सोमवार को कहा कि गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए जिज्ञासा, धैर्य और नैतिकता तीन मूल आधार हैं।

डॉ. सुधा तिवारी ने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के विश्वविद्यालय गृह विज्ञान विभाग की ओर से द्वारा सोमवार को "शोध प्रविधि" विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए शोध समस्या का चयन, परिकल्पना निर्माण, शोध प्रारूप, आंकड़ों का संकलन एवं विश्लेषण तथा शोध रिपोर्ट लेखन की प्रक्रिया को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने कहा कि साहित्य पुनरावलोकन के बिना कोई भी शोध अधूरा है।

डॉ. तिवारी ने शोध में नैतिकता के महत्व पर बल देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की साहित्यिक चोरी (प्लेजरिज़्म) से बचना चाहिए तथा सभी स्रोतों का उचित संदर्भ देना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वर्तमान डिजिटल युग में विभिन्न ऑनलाइन डाटाबेस एवं शोध-संबंधी सॉफ्टवेयर के उपयोग से शोध कार्य को अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनाया जा सकता है।

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