कपूरथला , अक्टूबर 13 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को नौकरी मांगने वालों के बजाय रोजगार देने वाला बनाना है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले चार वर्षों के प्रयासों से पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर पहुंचा है।
यहां आईके गुजराल पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित करते हुए मान ने कहा कि सरकार अब तक योग्यता के आधार पर 70,685 सरकारी नौकरियां दे चुकी है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की ओर से शिक्षा और रोजगार की अनदेखी किए जाने के कारण युवाओं को बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश जाना पड़ा। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से शिक्षा, खेल और उद्यमशीलता को अपने भविष्य की नींव बनाने तथा राज्य के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डिग्री केवल कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि सपनों को साकार करने और समाज के लिए कुछ करने का अवसर है।
श्री मान ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं, स्मार्ट कक्षाएं और विज्ञान प्रयोगशालाएं उपलब्ध करा रही है। शिक्षकों को बेहतर शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण देने के लिए सिंगापुर और फिनलैंड भेजा गया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नई तकनीकों पर आधारित पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि नीति आयोग के अनुसार, पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में 2022 से पहले 27वें स्थान पर था, जबकि अब पहले स्थान पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि आर्थिक स्थिति किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की शिक्षा और तरक्की में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में सामान्य परिवारों के 882 विद्यार्थियों की सफलता साबित करती है कि सही अवसर और सहयोग मिलने पर किसी भी पृष्ठभूमि के विद्यार्थी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। मान ने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति का भुगतान किसी भी सेमेस्टर में विलंबित नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से बड़े सपने देखने और कठिनाइयों के बावजूद अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने की अपील की। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उल्लेख करते हुए कहा कि सफलता के लिए मेहनत, अनुशासन, नवाचार और अलग सोचने का साहस जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी शिक्षा और कौशल का इस्तेमाल समाज के कल्याण तथा पंजाब की प्रगति के लिए करने को कहा।
श्री मान ने कहा कि सरकार युवाओं के लिए अवसर और जरूरी सहयोग उपलब्ध करा सकती है, लेकिन उनका लाभ उठाकर आगे बढ़ना युवाओं की अपनी जिम्मेदारी है। उन्होंने पंजाब के युवाओं से अपनी जड़ों से जुड़े रहने और उन लोगों की मदद करने की अपील की, जिन्हें आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर नहीं मिलते।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारतीय हॉकी में उल्लेखनीय योगदान के लिए छह खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इनमें भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह के अलावा जरमनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, मनदीप सिंह, जुगराज सिंह और सुखजीत सिंह शामिल थे।
श्री मान ने कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां पंजाब और पूरे देश के लिए गर्व की बात हैं। उन्होंने राज्य में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट की तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पंजाब की खेल संस्कृति, मेहमाननवाजी और आयोजन क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर है।
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