जगदलपुर , अप्रैल 03 -- मसीह समाज द्वारा विश्वभर के साथ छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में भी गुड फ्राइडे के अवसर पर विशेष आराधना श्रद्धा, आस्था और गंभीरता के साथ संपन्न की गई। 40 दिनों के उपवास काल के बाद मनाए जा रहे इस पवित्र सप्ताह को मसीह विश्वासी "दुख भोग सप्ताह" के रूप में मानते हैं, जिसमें प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर चढ़ाए जाने की घटना का स्मरण किया जाता है।
मसीह परंपरा के अनुसार, यीशु मसीह ने मानवता के उद्धार के लिए स्वयं को बलिदान कर दिया था। इसी बलिदान की याद में आज विभिन्न चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। आराधना के दौरान श्रद्धालुओं ने क्रूस पर यीशु मसीह द्वारा कहे गए सात अंतिम वचनों पर मनन और चिंतन किया तथा उनके त्याग, प्रेम और क्षमा के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
जानकारी के अनुसार, प्रभु भोज के दिन, जो इस पावन अवसर से तीन दिन पूर्व मनाया जाता है, यीशु मसीह को गतसमनी के बाग में उनके ही एक चेले द्वारा पकड़वाया गया था। इसके बाद उन्हें क्रूस पर चढ़ाया गया, जिसे गुड फ्राइडे के रूप में स्मरण किया जाता है। इसी परंपरा के तहत बस्तर के सभी प्रमुख चर्चों में विशेष आयोजन किए गए।
चंदैया मेमोरियल मेथोडिस्ट एपिस्कोपल लाल चर्च में भी विशेष आराधना आयोजित की गई, जिसकी संचालन अल्पना जान ने किया। उपवास कालीन इस आराधना में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान युवाओं द्वारा उपस्थित लोगों के लिए शीतल पेय का वितरण भी किया गया।
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