अहमदाबाद , फरवरी 01 -- गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (जीसीसीआई) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 का रविवार को स्वागत किया।

जीसीसीआई के अध्यक्ष संदीप इंजीनियर ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 को अस्थिर वैश्विक स्थिति में देश की आर्थिक मजबूती को बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। यह एक ऐसा बजट है जो उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाता है। उन्होंने सराहना करते हुए कहा कि यह बजट विकास और स्थिरता के बीच उत्कृष्ट संतुलन बनाए रखता है। 12.2 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावित सार्वजनिक पूंजीगत व्यय के साथ, सरकार राजकोषीय सुदृढ़ीकरण के अनुशासित मार्ग का अनुसरण करना जारी रखे हुए है जिसमें वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.3 प्रतिशत पर रखा गया है।

उन्होंने कहा कि यह बजट गुजरात की औद्योगिक ताकत को मजबूत करता है और निवेश, रोजगार सृजन और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देगा।जीसीआईसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश गांधी ने कहा कि बजट लक्षित तरलता समर्थन, अनुपालन युक्तिकरण और जोखिम-कमी तंत्र के माध्यम से एमएसएमई, बुनियादी सुविधाओं और व्यापार करने में आसानी को महत्वपूर्ण बढ़ावा प्रदान करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एसएमई ग्रोथ फंड, संशोधित टीआरएडीएस ढांचा, बुनियादी सुविधाओं के जोखिम की गारंटी और लॉजिस्टिक्स-आधारित विकास जैसे उपाय नकदी प्रवाह में मदद करेंगे और निवेशकों का विश्वास, विशेषकर गुजरात में विकासोन्मुखी उद्यमों के लिए, काफी हद तक बढ़ेगा।

जीसीसीआई के उपाध्यक्ष अपूर्व शाह ने कहा कि उन्नत विनिर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा परिवर्तन, सेवाओं और कौशल विकास सहित भविष्य के लिए तैयार क्षेत्रों पर बजट का ध्यान भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी को अपनाना, सतत औद्योगीकरण और मानव पूंजी विकास पर जोर देने से नवाचार-संचालित विकास के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम का निर्माण होगा और इससे भारत के आर्थिक विस्तार के अगले दशक में गुजरात एक मुख्य लाभार्थी के रूप में स्थापित होगा।

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