पिथौरागढ़ , जून 01 -- भारत-चीन (तिब्बत) सीमा व्यापार के पुनः संचालन की दिशा में सोमवार को महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सीमांत क्षेत्र गुंजी में व्यापार कार्यालय (ट्रेड ऑफिस) का शुभारंभ कर दिया गया है।

छह वर्षों से बंद पड़े ऐतिहासिक लिपुलेख सीमा व्यापार को फिर से शुरू करने की तैयारियों के बीच प्रशासन ने व्यापारियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। धारचूला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान व्यापार कार्यालय का उद्घाटन किया गया और सीमा व्यापार से जुड़े व्यापारियों तथा उनके सहायकों को ट्रेड परमिट वितरित किए गए। प्रशासन के अनुसार जून के पहले सप्ताह से भारत-तिब्बत सीमा व्यापार औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा।

जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि विदेश मंत्रालय की ओर से व्यापार संचालन के लिए जरूरी अनुमति मिल चुकी है। व्यापारियों को परमिट जारी किए जा रहे हैं और गुंजी में व्यापार संचालन के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं विकसित की गई हैं।

इस वर्ष व्यापार व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव भी किया गया है। अब व्यापारी अपने माल को वाहनों के जरिए सीमा के निकट स्थित भारत-तिब्बत व्यापार प्वाइंट तक पहुंचा सकेंगे, जिससे पहले की तुलना में व्यापार अधिक सुगम और कम खर्चीला होगा।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि गुंजी में व्यापार कार्यालय खुलने से सीमा व्यापार को नई गति मिलेगी और व्यास, दारमा तथा चौंदास घाटियों के लोगों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ होगा। सीमा व्यापार शुरू होने से स्थानीय परिवहन, होटल व्यवसाय, मजदूरों और छोटे कारोबारियों के लिए भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

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