कुरुक्षेत्र , नवंबर 01 -- हरियाणा के कुरुक्षेत्र मे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रविवार को कहा कि हरियाणा वीरों और देवों की भूमि है। इसी पवित्र धरती से पूरी दुनिया तक श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश पहुंचा। उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में भी हरियाणा के लोगों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हीरक जयंती समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने स्वतंत्रता संग्राम में हरियाणा की महिलाओं के योगदान का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान रेवाड़ी की 12 वर्षीय बेटी ने नमक कानून तोड़कर आंदोलन में हिस्सा लिया और अपनी पूरी बचत देश के लिए समर्पित कर दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा की धरती ने हमेशा साहसी और वीर लोगों को जन्म दिया है।

खेलों में प्रदेश की उपलब्धियों की सराहना करते हुए राष्ट्रपति ने मनु भाकर, स्वीटी बूरा और जैस्मिन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से देश का गौरव बढ़ाया है। राष्ट्रपति ने रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में भी हरियाणा के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।

इससे पहले राष्ट्रपति ने सुबह शक्तिपीठ देवीकूप भद्रकाली मंदिर में देशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि के लिए पूजा-अर्चना की। इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष भी मौजूद रहे।

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