अमृतसर , जून 12 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता एवं सिख चिंतक प्रो सरचंद सिंह ख्याला ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के राज्य के मंत्री गिरीश महाजन के समर्थन में दिये गये वक्तव्य का स्वागत करते हुए इसे सिख समुदाय की भावनाओं के प्रति संवेदनशील और स्पष्ट रुख बताया है।
प्रो. ख्याला ने शुक्रवार को कहा कि दमदमी टकसाल के मुख्यालय गुरुद्वारा गुरुदर्शन प्रकाश, महिता चौक में आयोजित शहीदी समागम के दौरान मंत्री गिरीश महाजन द्वारा दिये गये संबोधन पर मुख्यमंत्री फडणवीस का यह कहना कि उसमें 'कुछ भी गलत नहीं था', सिख समुदाय के प्रति सम्मान और ऐतिहासिक घटनाओं के प्रति उनकी नैतिक स्पष्टता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जून 1984 की घटनाओं तथा उसके बाद हुए सिख विरोधी हिंसक घटनाक्रमों के संबंध में मुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा खुलकर अपनी बात रखना एक जिम्मेदार, संवेदनशील और सिद्धांतों पर आधारित नेतृत्व का परिचायक है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ-हानि से ऊपर उठकर पीड़ित समुदाय की भावनाओं को समझना और अपने सहयोगी मंत्री के साथ मजबूती से खड़ा रहना सराहनीय कदम है।
प्रो. ख्याला ने कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस और मंत्री गिरीश महाजन द्वारा सिख समुदाय के साथ व्यक्त की गयी एकजुटता दमदमी टकसाल के प्रमुख एवं संत समाज के अध्यक्ष संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा की उस सोच को भी प्रतिबिंबित करती है, जो हिंदू-सिख एकता, पारस्परिक सम्मान और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने पर आधारित है। उन्होंने कहा कि दमदमी टकसाल और भाजपा भविष्य में भी पंजाब तथा देशभर में हिंदू-सिख भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य करते रहेंगे।
प्रो ख्याला ने कहा कि यह पहली बार नहीं है, जब किसी वरिष्ठ भाजपा नेता ने वर्ष 1984 में श्री हरिमंदिर साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब पर हुई सैन्य कार्रवाई को 'हमला' बताया हो। उन्होंने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी अगस्त 2023 में संसद में इस घटना को 'हमला' कहा था। उनके अनुसार मुख्यमंत्री फडणवीस का रुख इस बात का संदेश देता है कि इतिहास की दुखद घटनाओं को राजनीतिक सुविधा के आधार पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जून 1984 की घटनाओं और उसके बाद हुए सिख विरोधी दंगों ने सिख समुदाय पर गहरे घाव छोड़े हैं और आज भी अनेक परिवार न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में इन घटनाओं पर स्पष्ट और निर्भीक टिप्पणी करना केवल राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि ऐतिहासिक सत्य और न्याय के पक्ष में एक नैतिक प्रतिबद्धता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा सिख समुदाय के योगदान की सराहना और कांग्रेस शासनकाल के दौरान हुए अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाना करोड़ों सिखों की भावनाओं को स्पर्श करता है। उन्होंने कहा कि श्री फडणवीस सिखों की पीड़ा और न्याय की आकांक्षा को समझने वाले नेताओं में प्रमुखता से उभरे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सिख समुदाय ने देश की स्वतंत्रता, राष्ट्रीय सुरक्षा, कृषि, उद्योग और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसलिए सिखों की भावनाओं का सम्मान करना और उनके ऐतिहासिक अनुभवों को संवेदनशीलता के साथ समझना समय की आवश्यकता है।
प्रो. ख्याला ने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि इतिहास की इन दुखद घटनाओं को भुलाया न जाये, बल्कि उनसे सीख लेकर भविष्य में ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति रोकने के प्रयास किये जायें। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता ही लोकतांत्रिक व्यवस्था की वास्तविक कसौटी है।
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