गिरिडीह , मई 20 -- झारखंड के गिरिडीह जिले में घटना के 12 वर्षों के बाद गैर इरादतन हत्या के एक मामले में गिरिडीह की षष्ठम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रीति कुमारी की न्यायालय ने बुधवार को चार आरोपियों को 10- 10 साल की सजा सुनाया।

यह मामला गैर इरादतन हत्या से जुड़ा हुआ था, लेकिन केस के अनुसंधानकर्ता ने जांच में हत्या की धारा 302 को 304 में तब्दील कर दिया था और इसी गैर इरादतन के धारा में अनुसंधानकर्ता ने न्यायालय में चार्जशीट सौंपा। जिसके बाद चारो आरोपियों के खिलाफ ट्रायल शुरू हुआ और करीब 12 साल बाद तीन दिन पहले चारों आरोपियों को मामले में दोषी पाया गया।

सरकारी वकील सुरेश मरांडी और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता सूरज नयन और बचाव पक्ष के अधिवक्ता के बहस के बाद चारो आरोपी रघुनाथ मंडल, प्रसादी मंडल, छक्कू मंडल और संतोष मंडल उर्फ संतु मंडल को 10-10 साल की सजा और 10 हजार का जुर्माना लगाया गया।

जानकारी के अनुसार मामला गिरिडीह के बैंगाबाद थाना क्षेत्र से जुड़ा था। जहां जमीन विवाद में साल 2014 के अप्रैल महीने में चारों आरोपियों ने भुनेश्वर मंडल की पीट पीट कर हत्या कर दिया था। घटना के बाद मृतक भुनेश्वर मंडल के बेटे प्रदीप मंडल ने बेंगाबाद थाना में चारो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। वही केस दर्ज होने के बाद जांच शुरू हुआ। जिसमें अनुसंधानकर्ता ने हत्या के धारा को गैर इरादतन हत्या में बदल दिया था।

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