कोनाक्री , दिसंबर 31 -- गिनी में सैन्य तख्तापलट के जरिए सत्ता में आए 41 वर्षीय ममाडी डौमबौया को देश का नया राष्ट्रपति चुना गया है। मंगलवार को घोषित अंतरिम चुनावी परिणामों के अनुसार, डौमबौया ने भारी बहुमत हासिल किया है, जिससे देश में लगभग पांच साल के सैन्य शासन के बाद नागरिक शासन की वापसी का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 28 दिसंबर को हुए मतदान में श्री डौमबौया को 86.72 प्रतिशत वोट मिले। पूर्ण बहुमत प्राप्त करने के कारण अब उन्हें दूसरे चरण के मतदान की आवश्यकता नहीं होगी।

श्री डौमबौया के सामने राष्ट्रपति पद के लिए आठ अन्य उम्मीदवार थे। हालांकि, देश के मुख्य विपक्षी नेताओं को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था, जिसके बाद विपक्ष ने चुनाव के बहिष्कार का आह्वान किया था। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग द्वारा बताए गए 80.95 प्रतिशत मतदान पर भी सवाल उठाए हैं।

पूर्व विशेष बल कमांडर श्री डौमबौया ने साल 2021 में तत्कालीन राष्ट्रपति अल्फा कोंडे का तख्तापलट कर सत्ता हथिया ली थी। सत्ता संभालने के समय उन्होंने चुनाव न लड़ने का वादा किया था और शुरुआती चार्टर में सैन्य सदस्यों के चुनाव लड़ने पर रोक थी। हालांकि, सितंबर में हुए जनमत संग्रह के जरिए पारित नए संविधान में इन प्रतिबंधों को हटा दिया गया, जिससे उनके चुनाव लड़ने का रास्ता साफ हुआ।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित