नयी दिल्ली , जून 26 -- केंद्र सरकार ग्रामीण भारत के तेज, समावेशी और सतत विकास को नई दिशा देने के लिए 'राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन -2026' का आयोजन करेगी। इस सम्मेलन में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए गांवों के विकास के लिए साझा रणनीति तैयार की जाएगी।
एक सरकारी विज्ञप्ति में यह जानकारी देते हुए बताया गया है कि यह सम्मेलन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आगामी 28 और 29 जून को यहां आयोजित होगा और इसमें सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल होंगे। सम्मेलन में गांवों के समग्र विकास, प्रमुख योजनाओं की समीक्षा और भविष्य की रणनीति पर व्यापक चर्चा की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य 'विकसित ग्राम, विकसित भारत' के विजन को जमीन पर उतारना है। इसके तहत विकसित भारत- जी राम जी अधिनियम-2025 के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं की बेहतर योजना-निर्माण प्रक्रिया और संसाधनों के कुशल उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सम्मेलन में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन , ग्रामीण कौशल विकास कार्यक्रम और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
इस सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि इसमें देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, केंद्र और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों, नीति-निर्माताओं और विभिन्न योजनाओं से जुड़े विशेषज्ञों की भी सक्रिय भागीदारी रहेगी। इस राष्ट्रीय मंथन में राज्यों के अनुभव, नवाचार और जमीनी चुनौतियों पर खुलकर चर्चा होगी, जिससे नीतिगत स्तर पर मजबूत और व्यावहारिक समाधान सामने आ सकें।
श्री चौहान ने बताया कि सम्मेलन के दौरान विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें ग्रामीण आवास, सड़क संपर्क, आजीविका, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। राज्यों के अपनायी गई सफल पहल और नवाचारों को साझा किया जाएगा, ताकि उन्हें अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सके।
केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि 'लखपति दीदी' पहल के तहत स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, ग्रामीण उद्यमिता और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उपायों पर विशेष चर्चा होगी। इसके साथ ही ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास और बाजार से जुड़ाव पर भी फोकस रहेगा।
श्री चौहान ने बताया कि सम्मेलन में ग्रामीण विकास योजनाओं में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को विशेष महत्व दिया जाएगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म, रियल टाइम मॉनिटरिंग, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए विभिन्न तकनीकी समाधानों पर चर्चा की जाएगी, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी और प्रभावशीलता लाई जा सके।
उन्होंने बताया कि सम्मेलन के दूसरे दिन 29 जून को मंत्रिस्तरीय चर्चाओं के माध्यम से सभी राज्यों के सुझाव लिए जाएंगे और भविष्य की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह समापन सत्र में सम्मेलन के निष्कर्षों को प्रस्तुत करेंगे और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में गांवों की केंद्रीय भूमिका पर अपनी बात रखेंगे।
सम्मेलन के दौरान ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन भी किया जाएगा। इनमें जल सुरक्षा, ग्राम विकास योजना, महिला सशक्तिकरण, आजीविका और सफलता की कहानियों से जुड़े दस्तावेज शामिल होंगे, जो राज्यों और ग्राम पंचायतों के लिए मार्गदर्शक का काम करेंगे।
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